मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने साइबर पुलिस थाना टोंक का किया निरीक्षण, म्यूल अकाउंट की पहचान और संदिग्ध खातों को फ्रीज करने के दिए निर्देश
शिवराज बारवाल मीना
टोंक। स्मार्ट हलचल|राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने टोंक दौरे के दौरान साइबर पुलिस थाना टोंक का निरीक्षण कर साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही पुलिस, बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि ठगी की राशि को सुरक्षित कराने के लिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई शुरू हो सके। उन्होंने विशेष रूप से म्यूल अकाउंट की पहचान करने और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल फ्रीज या सीज करने पर जोर दिया।
उन्होंने साइबर ठगी से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण में तेजी लाने तथा पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। साथ ही, साइबर अपराधों की जांच और निस्तारण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा बेहतर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
*जन-जागरूकता से रोकेंगे साइबर ठगी*
मुख्य सचिव ने आमजन को साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। निरीक्षण के दौरान साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को राहत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।