प्रथम ईसीसीई बाल मेला_ पीएम श्री और महात्मा गांधी स्कूलों में सजेगी बचपन की रंगीन महफिल

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12 से 14 अक्टूबर तक होंगे एक दिवसीय आयोजन

उदयपुर 11 अक्टूबर
स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं के तहत उदयपुर एवं नवगठित सलूंबर जिले के पीएम श्री और महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों की बालवाटिकाओं में “प्रथम ईसीसीई बाल मेला” का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर के अनुसरण में एडीपीसी समग्र शिक्षा उदयपुर की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह एक दिवसीय मेला 12 से 14 अक्टूबर, 2026 के मध्य संबंधित विद्यालयों के स्तर पर आयोजित होगा।
इस मेले का मुख्य उद्देश्य खेल-खेल में और ‘करके सीखने’ (लर्निंग बाय डूइंग) की पद्धति से बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। मेले के दौरान स्कूलों में बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भाषायी व सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष और आकर्षक स्टॉल्स लगाए जाएंगे।

इसके तहत संज्ञानात्मक विकास हेतु बने स्टॉल पर बच्चे पहेलियाँ सुलझाना, विभिन्न रंग-रूप पहचानना और ‘क्या डूबेगा-क्या तैरेगा’ जैसे व्यावहारिक व वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे।वही बच्चों की रचनात्मकता को निखारने के लिए मिट्टी के खिलौने बनाना, थंब व ठप्पा पेंटिंग, कोलाज मेकिंग और फ्री-हैंड पेंटिंग की गतिविधियां होंगी। बच्चों के भाषायी विकास के लिए कठपुतली नाटक, मनमोहक कहानियाँ और प्यारे-प्यारे बालगीतों की प्रस्तुतियां होंगी।
जबकि शारीरिक स्फूर्ति के लिए पेपर डांस, अभिभावक-बच्चा दौड़ और स्थानीय पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाएगा।

एडीपीसी समग्र शिक्षा कुंज बिहारी भारद्वाज के अनुसार, इस मेले में माता-पिता केवल दर्शक नहीं होंगे, बल्कि वे अपने बच्चों के साथ मिलकर खेलेंगे और सीखेंगे। इस अनूठी पहल से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। मेले में भाग लेने वाले होनहार बच्चों और विजेताओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
विभाग ने सभी सजग अभिभावकों, शिक्षा प्रेमियों और बच्चों से अपील की है कि वे इस बाल मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और नौनिहालों को एक भयमुक्त, आनंददायक और सकारात्मक माहौल प्रदान करें। इस बीच मेलो की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव द्वारा उदयपुर जिले में प्रत्येेक बाल मेले के लिए प्रभारी अधिकारी भी नियुक्त किए है।