खाद की पर्याप्त उपलब्धता और कालाबाजारी पर रोक लगाने पर बनी सहमति-स्वास्थ्य में कमजोरी के चलते चिकित्सकों की निगरानी में रहेंगे किसान नेता
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/बारां। स्मार्ट हलचल|भगत सिंह सेना के प्रमुख एवं किसान नेता नरेश मीणा ने किसानों की खाद समस्या, खाद की कालाबाजारी पर रोक तथा विभिन्न मांगों को लेकर 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से शुरू किया गया अपना 10 दिवसीय आमरण अनशन रविवार, 11 अक्टूबर को समाप्त कर दिया। बारां जिला प्रशासन के साथ 11 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल की वार्ता में मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद उन्होंने जूस ग्रहण कर अनशन समाप्त किया।
जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बारां के साथ हुई वार्ता में प्रशासन ने किसानों की मांगों पर लिखित सहमति दी। इसके तहत जिले में पर्याप्त खाद का स्टॉक उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा विभिन्न स्थानों पर किसानों को खाद वितरण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई। प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू होने के बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी। अनशन समाप्ति के अवसर पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, नरेश मीणा की माताजी, संबंधित सरपंच, कमल राठौड़ एवं संदीप शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति में नरेश मीणा ने जूस ग्रहण कर अनशन समाप्त किया।
*स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद मांगों पर अड़े रहे*
दस दिनों तक चले आमरण अनशन के दौरान नरेश मीणा के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आई। उनकी शुगर का स्तर 50 से नीचे पहुंचने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्वास्थ्य में कमजोरी को देखते हुए अनशन समाप्ति के बाद भी वे शहीद राजमल मीणा चिकित्सालय, बारां में चिकित्सकों की निगरानी में रहेंगे। पूरी तरह स्वस्थ होने तक उनका उपचार जारी रहेगा।
*अब क्रियान्वयन पर किसानों की नजर*
आंदोलन के दौरान किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से किसानों, सामाजिक संगठनों एवं समर्थकों ने आंदोलन को समर्थन दिया। अनशन समाप्त होने के बाद किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन लिखित सहमति के अनुरूप खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा और उन्हें खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब समझौते का वास्तविक असर प्रशासन द्वारा किए जाने वाले प्रभावी क्रियान्वयन से सामने आएगा।