59 ग्राम पंचायतों के बीच बड़ौदा के सरपंच प्रत्याशी का अनूठा विजन, विकास के 14 से अधिक वादों से खींचा ध्यान

59 ग्राम पंचायतों के बीच बड़ौदा के सरपंच प्रत्याशी का अनूठा विजन, विकास के 14 से अधिक वादों से खींचा ध्यान

लाइब्रेरी, किसान सहायता, गौशाला, विवाह सहायता और पंचायत हेल्पलाइन सहित कई योजनाएं पोस्टर में शामिल

अलकेश पारीक

जहाजपुर, स्मार्ट हलचल। जहाजपुर और खजूरी पंचायत समितियों की कुल 59 ग्राम पंचायतों में पंचायती राज चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच बड़ौदा ग्राम पंचायत के सरपंच पद के उम्मीदवार चैनसिंह मीणा का चुनावी पोस्टर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर में उन्होंने गांव के विकास के साथ युवाओं, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों के लिए कई योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया है।

उम्मीदवार चैनसिंह मीणा ने अपने पोस्टर में “नई सोच, जनसेवा और विकास” का नारा देते हुए पंचायत के समग्र विकास का संकल्प जताया है। पोस्टर में युवाओं के लिए लाइब्रेरी, निःशुल्क फर्स्ट एड सुविधा, पंचायत हेल्पलाइन, युवा सहायता, गरीब परिवारों के लिए विवाह सहायता, गौशाला विकास, किसानों की सुविधा, फसल खरीद सहायता और बुजुर्गों के सम्मान जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।

इसके अलावा सरकारी भवनों के नवीनीकरण, सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के सम्मान, गांव में सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने जैसे वादे भी पोस्टर में शामिल हैं। युवा सहायता के तहत सेना भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देने की बात कही गई है। वहीं किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं और फसल बिक्री में सहयोग उपलब्ध कराने का भी संकल्प दर्शाया गया है।

अब वादों को धरातल पर उतारने की चुनौती

जहाजपुर और खजूरी पंचायत समितियों की 59 ग्राम पंचायतों में चुनावी गतिविधियों के बीच बड़ौदा पंचायत के इस पोस्टर ने विकास के मुद्दों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। आमतौर पर चुनाव के दौरान सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के वादे सामने आते हैं, लेकिन इस पोस्टर में सामाजिक सहायता से लेकर युवाओं के भविष्य और किसानों की जरूरतों तक कई विषयों को शामिल किया गया है।

हालांकि, इन योजनाओं को लागू करने के लिए बजट, पंचायत के अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि चुनावी संकल्पों को किस तरह व्यावहारिक रूप दिया जाता है और गांव के विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

अब देखना होगा कि विकास का यह विस्तृत विजन बड़ौदा पंचायत में कितना जनसमर्थन हासिल करता है और भविष्य में इसे धरातल पर उतारने की दिशा में क्या प्रयास किए जाते हैं।