शंभूपुरा कस्बे में रोडवेज बसों की बेरुखी, बाईपास पर उतारने से यात्रियों में आक्रोश।

ओम जैन

शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|शंभूपुरा कस्बे में राजस्थान रोडवेज बसों के कस्बे के अंदर नहीं आने से आमजन, ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि चित्तौड़गढ़-निम्बाहेड़ा मार्ग पर चलने वाली अधिकांश रोडवेज बसें शंभूपुरा में अंदर आने की बजाय बाहर बाईपास पर ही सवारी उतार कर चली जाती हैं। इससे दिन में तो परेशानी होती ही है, रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

रात में महिलाओं और बच्चों को होती है सबसे ज्यादा परेशानी

रात 8 बजे के बाद बाईपास पर उतरने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को 1 से 2 किलोमीटर पैदल चलकर कस्बे में आना पड़ता है। बाईपास पर न तो लाइट की व्यवस्था है और न ही ऑटो-टैम्पो की। इससे सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों की मांग – बसें अंदर होकर जाएं

कस्बेवासियों ने बताया कि शंभूपुरा एक बड़ा कस्बा है और यहाँ से सैकड़ों लोग रोज़ाना चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, नीमच और भीलवाड़ा की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद रोडवेज प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और रोडवेज आगार प्रबंधक से मांग की है कि सभी रोडवेज बसों को अनिवार्य रूप से शंभूपुरा कस्बे के अंदर से होकर निकाला जाए और बाईपास पर उतारने की मनमानी बंद की जाए।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि हम कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। रात को लेडीज को बाईपास पर उतार देते हैं, वहाँ अंधेरा रहता है, डर लगा रहता है। प्रशासन को तुरंत ध्यान देना चाहिए।
यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

इन्होंने यह कहा

चित्तौड़गढ़ रोडवेज के मुख्य प्रबंधक राकेश सारस्वत ने कहा कि बसें शंभूपुरा कस्बे के अंदर नही निकल रही और यात्रियों को परेशानी हो इसकी अभी तक जानकारी नही थी, अब हुई है तो सभी को निर्देशित कर जल्द समाधान किया जाएगा।