परहित सरिस धरम नहिं भाई,पर पीड़ा सम नहिं अधमाई

“परहित सरिस धरम नहिं भाई,पर पीड़ा सम नहिं अधमाई

रामलीला में रावण वध के बाद राम का हुआ राजतिलक, जयघोष से गूंजा परिसर

 

कोटा। स्मार्ट हलचल।आरके पुरम-ए स्थित श्री महर्षि गौतम रामलीला पार्क में रामलीला आयोजन समिति की ओर से आयोजित रामलीला का समापन रावण वध और भगवान श्रीराम के राजतिलक के साथ हुआ। बजरंग रामलीला लोक कला मंडल, नागौर के कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन से दर्शकों को रामकथा के निर्णायक प्रसंगों से रूबरू कराया। रावण वध के साथ अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। इसके बाद भगवान श्रीराम के राजतिलक का मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम के जयघोष से परिसर गूंज उठा।

रामकथा का संदेश है कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले की अंततः विजय होती है। इसी भाव को रामचरितमानस की चौपाई में व्यक्त किया गया है।

समिति पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। राजतिलक के दौरान मुख्य संयोजक बालचंद फौजी, अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, महामंत्री गिरिराज गौतम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीताराम शर्मा, प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पी.पी. गुप्ता, संयोजक चंद्रप्रकाश माहेश्वरी, सत्यप्रकाश शर्मा, राजेंद्र सिंह सोलंकी और समृद्धि सहित अन्य सदस्यों ने आरती कर प्रभु का आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही रामलीला का विधिवत समापन हुआ।