उलेला मतदान केंद्र पर विवाद: बुजुर्गों की पसंद पूछे बिना वोट डलवाने के आरोप, कवरेज करने पहुंची मीडिया को पुलिस ने गेट पर रोका

उलेला मतदान केंद्र पर विवाद: बुजुर्गों की पसंद पूछे बिना वोट डलवाने के आरोप, कवरेज करने पहुंची मीडिया को पुलिस ने गेट पर रोका

मतदान कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल, मीडिया कर्मियों और पुलिस के बीच हुई कहासुनी; निष्पक्ष मतदान और पारदर्शिता को लेकर विवाद

अलकेश पारीक | जहाजपुर

जहाजपुर। पंचायती राज चुनाव के दौरान उलेला मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मतदाताओं की पसंद जाने बिना कथित तौर पर एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करवाने की शिकायत से मतदान व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, मामले की जानकारी मिलने पर कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को पुलिस द्वारा स्कूल के मुख्य गेट पर रोकने के आरोप से विवाद और बढ़ गया।

जानकारी के अनुसार, उलेला मतदान केंद्र पर कुछ बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मतदाताओं को मतदान कराने के दौरान उनकी इच्छा जाने बिना ही कथित तौर पर मतदान कर्मचारियों द्वारा एक प्रत्याशी के पक्ष में वोट डलवाए जाने की शिकायत सामने आई। आरोप है कि जिन बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान में सहायता की आवश्यकता थी, उनकी पसंद पूछने के बजाय कर्मचारियों ने अपने स्तर पर मतदान करवाया।

हालांकि, मतदान कर्मचारियों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सूचना पर पहुंची मीडिया टीम, मुख्य गेट पर ही रोका

मतदान प्रक्रिया में कथित अनियमितता की सूचना मिलने पर मीडिया कर्मी घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के लिए उलेला मतदान केंद्र पहुंचे। आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मीडिया प्रतिनिधियों को स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया।

इस दौरान मीडिया कर्मियों और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी की स्थिति बन गई। मीडिया प्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्हें घटनाक्रम की जानकारी लेने और संबंधित पक्षों से बातचीत करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

वहीं, मतदान केंद्र के भीतर मीडिया प्रवेश को लेकर लागू नियमों और पुलिस की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि मीडिया कर्मियों को किस आधार पर रोका गया और क्या कार्रवाई निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुरूप की गई थी।

बुजुर्ग मतदाताओं के अधिकारों पर उठे सवाल

इस घटनाक्रम ने मतदान केंद्र पर बुजुर्ग मतदाताओं को दी जाने वाली सहायता और मतदान की गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता को अपनी पसंद के प्रत्याशी के पक्ष में स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अधिकार है।

मतदान में सहायता की आवश्यकता होने पर भी मतदाता की इच्छा और मतदान की गोपनीयता का सम्मान करना आवश्यक है। यदि किसी मतदाता की पसंद जाने बिना या उसकी इच्छा के विपरीत मतदान करवाए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मामला होगा।

ऐसे मामलों में संबंधित मतदान अधिकारियों की भूमिका, मतदाता को दी गई सहायता और मतदान प्रक्रिया के दौरान अपनाए गए नियमों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।

क्या जिला निर्वाचन प्रशासन करवाएगा जांच?

उलेला मतदान केंद्र पर सामने आए आरोपों के बाद अब जिला निर्वाचन प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

  • क्या बुजुर्ग मतदाताओं की पसंद पूछकर ही मतदान करवाया गया था?
  • क्या मतदान में सहायता के दौरान निर्धारित निर्वाचन नियमों का पालन किया गया?
  • मीडिया टीम को मतदान केंद्र के मुख्य गेट पर रोकने के पीछे क्या कारण था?
  • क्या संबंधित मतदान कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाएगी?
  • क्या जिला निर्वाचन प्रशासन शिकायत मिलने पर मामले की निष्पक्ष जांच करवाएगा?

इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण और निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

आधिकारिक पक्ष और जांच का इंतजार

फिलहाल, उलेला मतदान केंद्र पर मतदान कर्मचारियों और पुलिस के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।

अब निगाहें जिला निर्वाचन प्रशासन पर टिकी हैं कि वह पूरे घटनाक्रम की जांच करवाकर स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं। मतदान की निष्पक्षता, मतदाताओं के अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों का जवाब संबंधित प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही मिल सकेगा।

स्मार्ट हलचल | जहाजपुर