35वें मीरा महोत्सव का भव्य समापन: श्रीनाथ गार्डन में उमड़ा जनसैलाब; विधि शर्मा के भजनों, कथक और ‘मीरा-माधव’ नृत्य नाटिका ने मोहा मन
पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया रहे मुख्य अतिथि; देश के तीन प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों के संयोजन से जीवंत हुई मीरा की कृष्ण भक्ति, देर रात तक मंत्रमुग्ध रहे दर्शक
चित्तौड़गढ़ (स्मार्ट हलचल)मीरा स्मृति संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय 35वां मीरा महोत्सव-2026 रविवार को भव्य सांस्कृतिक व भक्ति संध्या के साथ संपन्न हुआ। समापन दिवस पर श्रीनाथ गार्डन में शहरवासियों का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा परिसर खचाखच भर गया। भक्ति संगीत, शास्त्रीय नृत्य एवं नृत्य नाटिकाओं के अनूठे संगम का आनंद लेने के लिए दर्शक देर रात तक डटे रहे। समारोह में पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया एवं जिला कोषाधिकारी राघव शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विधि शर्मा के भजनों से बही भक्ति रस की सरिता
उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (प्रयागराज) के सौजन्य से दिल्ली की विख्यात गायिका विधि शर्मा ने भक्ति संगीत एवं मीरा भजनों की मनोहारी प्रस्तुति दी। उनके मधुर कंठ से गूंजे पदों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। भजनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के प्रति मीराबाई की अनन्य निष्ठा और समर्पण की अलौकिक अनुभूति हुई, जिस पर श्रोताओं ने करतल ध्वनि से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
‘मीरा भक्ति के सागर’ कथक व ‘मीरा-माधव’ नृत्य नाटिका का जादू
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (उदयपुर) के प्रायोजन में कथक कलाकार सदानन्द बिस्वास के निर्देशन में दिल्ली के कलाकारों ने ‘मीरा भक्ति के सागर’ शीर्षक से भावपूर्ण कथक नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (पटियाला) के प्रायोजन में बृजभूषण एकेडमी, बेंगलुरु के कलाकारों ने नाट्यश्री ब्रज दिव्य भूषण के नृत्य निर्देशन में ‘मीरा-माधव’ नृत्य नाटिका का सजीव मंचन किया। कलाकारों की भाव-मुद्राओं और प्रभावी मंच सज्जा ने मीरा और माधव के आध्यात्मिक संबंध को जीवंत कर दिया।
🛑 35वां मीरा महोत्सव समापन : मुख्य बिंदु
- मुख्य अतिथि: पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया एवं जिला कोषाधिकारी राघव शर्मा।
- भक्ति संगीत: विधि शर्मा (दिल्ली) – उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज द्वारा प्रायोजित।
- कथक नृत्य: ‘मीरा भक्ति के सागर’ – पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा प्रायोजित।
- नृत्य नाटिका: ‘मीरा-माधव’ (बृजभूषण एकेडमी, बेंगलुरु) – उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला द्वारा प्रायोजित।
- जनसहभागिता: श्रीनाथ गार्डन में उमड़ा भारी जनसैलाब, देर रात तक डटे रहे कला व धर्मप्रेमी।
35 वर्षों का सफर और विरासत से जुड़ाव
प्रारंभ में संस्थान के कार्यवाहक अध्यक्ष अर्जुन मुंदड़ा ने स्वागत भाषण देते हुए मीरा महोत्सव की 35 वर्षों की निरंतर यात्रा और इसके सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम संयोजक अनंत समदानी ने सभी अतिथियों, कलाकारों और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन लीला आगाल ने किया।
समारोह में सचिव राकेश मंत्री, कोषाध्यक्ष विनायक द्विवेदी, कार्यकारिणी सदस्य विट्ठल पांडे, प्रदीप दीक्षित, अमरकंठ उपाध्याय, जेपी भटनागर, ओमप्रकाश ओदिच्य, डीपी चतुर्वेदी, अशोक अजमेरा, एडवोकेट प्रदीप काबरा, अभिमन्यु समदानी, अनुराग द्विवेदी, कल्याणी दीक्षित, भारती काबरा, रेखा समदानी एवं राशि मुंदड़ा सहित संस्थान के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।