शरद पूर्णिमा पर हुआ रोशनी का दान, जगदीशचंद पोरवाल की आँखें दो लोगों को देगी नई रोशनी

भवानीमंडी से 167 वाँ नेत्रदान

रणवीर सिंह चौहान

भवानीमंडी। स्मार्ट हलचल/शरद पूर्णिमा – रोशनी, शीतलता और अमृत वर्षा का पर्व। इसी पावन पर्व पर भवानीमंडी के पोरवाल परिवार ने रोशनी के दान की अनूठी मिसाल पेश की।नेत्रदान का निर्णय…– द्वारकादास, राधेश्याम पोरवाल के भ्राता व मुकेश के पिता जगदीशचंद पोरवाल के निधन के उपरांत शोक की इस घड़ी में भी परिवार ने परोपकार को सर्वोपरि रखते हुए नेत्रदान का पुनीत निर्णय लिया।
*नेत्रदान प्रक्रिया*
भतीजे संजय पोरवाल एवं पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष विनय पोरवाल की सूचना पर भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के नगर संयोजक कमलेश गुप्ता दलाल द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई। एवं सूचना प्राप्त होते ही शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ ज्योति-रथ से दोपहर 3 बजे भवानीमंडी पहुंचे तथा परिवारजनों की गरिमामय उपस्थिति में नेत्रदान प्रक्रिया को पूर्ण कर दो दृष्टिहीन व्यक्तियों हेतु कॉर्निया प्राप्त किया।
इस पुनीत कार्य में संजय पोरवाल, विनय पोरवाल, राकेश पोरवाल, विकास पोरवाल, रितेश पोरवाल, संदीप पोरवाल, अमित पोरवाल आदि का सराहनीय सहयोग रहा। विशेष रूप से नेत्रदान प्रक्रिया के समय परिवार की महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिन्होंने नेत्रदान प्रक्रिया को अत्यंत सहजता से प्रत्यक्ष रूप से देखा। नेत्र उत्सरक डॉ कुलवंत गौड़ के अनुसार उम्र अधिक होने के बाद भी परिवार के द्वारा लिए गए नेत्रदान के त्वरित निर्णय एवं आंखों पर पलके बंद करके सुव्यवस्थित गीली पट्टी रखने से नेत्रदानी जगदीशचंद का कॉर्निया उत्तम गुणवत्ता का प्राप्त हुआ है, जिसे नेत्र बैंक जयपुर भेज दिया गया है जहां पर यह प्रत्यारोपित होकर दो दृष्टिहीनों को नई नेत्र ज्योति प्रदान करेगा।
*श्रद्धांजलि सभा में सम्मान*
सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने नेत्रदानी जगदीशचंद पोरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पोरवाल परिवार के नेत्रदान के मानवीय एवं प्रेरणादायी निर्णय की सराहना की। इस अवसर पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के द्वारा परिवार को नेत्रदान के लिए प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
*एक नजर में*
कमलेश गुप्ता दलाल ने जानकारी देते हुए बताया कि शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से भवानीमंडी नगर से यह 167वाँ नेत्रदान है, जबकि चालू वर्ष 2026 का यह 18वाँ नेत्रदान है।