बांकेबिहारी मंदिर में महारास की धूम, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजी नन्ही बालिकाओं ने मोहा मन, मध्यरात्रि महाआरती के बाद बांटा खीर का प्रसाद

अनिल कुमार खींची

ब्यावर। स्मार्ट हलचल।सूरजपोल गेट बाहर स्थित बांकेबिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा के अवसर पर महारास एवं भजनोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। ठाकुरजी की श्वेत आभा से सुसज्जित मनमोहक युगल छवि के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर परिसर में आयोजित महारास के दौरान भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष माणक दाणी ने बताया कि मंदिर के कमल चौक में अंजू गर्ग के संचालन में आयोजित महारास में नन्ही बालिकाओं ने राधा-कृष्ण का स्वरूप धारण कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बालिकाओं की नृत्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। राधा स्वरूप के लिए अनाया तथा कृष्ण स्वरूप के लिए मिताक्षी गर्ग को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम के तहत युवतियों एवं महिलाओं के लिए विभिन्न आयु वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें काशवी झंवर, कशिश शर्मा, श्रुति माहेश्वरी, शिवांगी, आर्वी, मुक्ता रामावत, रिंकू माहेश्वरी, अंतिमा बंसल, प्रेरणा यादव एवं कविता सोनी को बेनीगोपाल, गिरिश कुमार और अशोक कुमार गर्ग के सौजन्य से पुरस्कार प्रदान किए गए।

भजन संध्या में देर रात तक गूंजे भक्ति के स्वर

रात्रि 10 बजे से मध्यरात्रि तक आयोजित भजनोत्सव में आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के नरेश झंवर ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। ‘फूलों से सजाया है दरबार, गजानन आ जाओ’, ‘मुझे वृंदावन बुलाया, यह कर्म नहीं तो क्या है’, ‘तीनों लोकों से न्यारी राधारानी हमारी’ और ‘संवारियो है सेठ म्हारी, राधाजी सेठानी है’ सहित विभिन्न भजनों पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूम उठे।

मध्यरात्रि 12 बजे ठाकुरजी की महाआरती की गई। इसके बाद नितिन विजयवर्गीय के सौजन्य से श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में उषा गर्ग, भावना गर्ग, बबीता गर्ग, जय गर्ग, रोहित बंसल, जे.के. साहू, विजय तंवर सहित मंदिर ट्रस्ट के राजेंद्र गर्ग, महेंद्र सलेमाबादी, कांतिलाल दाणी, सुरेश रायपुरिया एवं पंडित जितेंद्र दाधीच उपस्थित रहे।