कानपुर में जारी फजलगंज पुलिस के अभियान में तस्कर और साइबर अपराधी गिरफ्तार

सुनील बाजपेई
कानपुर।स्मार्ट हलचल|यहां फजलगंज पुलिस की सक्रियता पीड़ितों सहायता और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में अग्रणी चल रही है। यही नहीं पुलिस की परिश्रम पूर्ण सक्रियता के फलस्वरूप छोटी बड़ी ऐसी कोई घटना नहीं है ,जिसका सटीक खुलासा करते हुए सभी अपराधियों को जेल का रास्ता ना दिखाया गया हो।
अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के इसी क्रम में 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 101 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स के साथ कर्नलगंज के रहने वाले नजीमुद्दीन उर्फ शान, नवाबगंज गोकशी कांड के दो वांछित अभियुक्त फरहान कालिया और कादिर और दर्शनपुरवा हत्या मामले के आरोपी के साथ ही लगभग 40 साल से फरार चल रहे राम प्रकाश के अलावा 3 कपिल वर्मा अभय प्रताप सिंह आदि को भी गिरफ्तार कर 23 से अधिक बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के फर्जी लेनदेन मतलब साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करने में भी टीम इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय सफल हो चुकी है।
सबसे खास बात यह भी कि तत्काल प्रभावी कार्रवाई के फल स्वरूप फजलगंज पुलिस अब ऐसी नौबत ही नहीं आने देती कि कोई कानून और शांति व्यवस्था के खिलाफ नेतागिरी का साहस कर सके। जबकि इसके पहले यहां विभिन्न मामलों को लेकर पुलिस तथा शांति और कानून व्यवस्था के खिलाफ अपराधियों के पक्ष में नेतागिरी करने वालों की भीड़ लगी रहती थी।
अवगत कराते चलें कि फजलगंज की कमान आजकल अपनी नौकरी के अबतक के जुझारू कार्यकाल में अनेक शातिरों सबक सिखाने में भी सफल हो चुके तेजतर्रार, व्यवहार कुशल इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय के हाथ में है। भगवान और भाग्य यानी कर्म भरोसे रहने वाले लोकहित में अपनी धुन के पक्के इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय सराहनीय प्रगाढ़ सेवा भाव के चलते उनके पास आने वाला कोई भी फरियादी कभी निराश होकर नहीं लौटता।
अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश निर्देशों के अक्षरशः अनुपालन में भी अग्रणी तथा पीड़ितों की तत्काल सहायता और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के लिए भी चर्चित निष्पक्ष और पारदर्शी कार्यशैली के फजलगंज के जुझारू तेवरों वाले निडर इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय किसी भी पीड़ित के लिए तब तक खुद जुटे रहते हैं। जब तक उसकी समस्या का संतोषजनक निस्तारण नहीं हो जाता।
इसी के साथ उनकी कार्यशैली भी संभ्रांत असहाय लोगों की हितरक्षक और बहुत मैत्रीपूर्ण भी मानी जाती है। यही नहीं वे उचित पात्र की हर संभव सहायता के साथ ही कानून और शांति व्यवस्था के पक्ष में अपराधियों के खिलाफ शठे शाठ्यम समाचरेत वाली कहावत के अनुरूप व्यवहार करने से भी नहीं चूकते। यही वजह है कि कर्तव्य के प्रति इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय की प्रगाढ़ निष्ठा उनकी जुझारू नौकरी के अब तक के कार्यकाल में अनगिनत पीड़ितों की हर संभव सहायता के साथ ही सभी संगीन घटनाओं का सटीक खुलासा करते हुए दर्जनों शातिरों को सबक सिखाने में भी सफल हो चुकी है, जिसके क्रम में घटनाओं के सटीक खुलासे के साथ ही अपराधियों की गिरफ्तारी का लगातार जारी सिलसिला क्षेत्र में पहले से और ज्यादा राहत का भी कारण बना हुआ है।