चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के वार्ड 34 का निर्वाचन निरस्त करने के लिए चुनाव याचिका पेश

चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के वार्ड 34 का निर्वाचन निरस्त करने के लिए चुनाव याचिका पेश

कांग्रेस प्रत्याशी शांतिलाल भील ने भाजपा पार्षद रमेशचंद्र मीना के निर्वाचन को दी चुनौती; जिला न्यायालय ने जवाब के लिए सम्मन जारी करने का दिया आदेश, अगली सुनवाई 30 नवंबर को

चित्तौड़गढ़ | स्मार्ट हलचल

चित्तौड़गढ़। नगर परिषद चुनाव 2026 के वार्ड संख्या 34 के निर्वाचन को चुनौती देते हुए कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी रहे शांतिलाल भील ने जिला न्यायालय में चुनाव याचिका प्रस्तुत की है। याचिका में वार्ड 34 से निर्वाचित भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी रमेशचंद्र मीना उर्फ पींटू का निर्वाचन निरस्त करने तथा स्वयं को निर्वाचित घोषित करने की मांग की गई है। यह याचिका पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत के निर्देशानुसार अधिवक्ता अभिषेक गर्ग, अकबर हुसैन और महेंद्र जायसवाल के माध्यम से पेश की गई है।

जिला न्यायालय ने जवाब के लिए सम्मन जारी करने का दिया आदेश

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिला एवं सेशन न्यायाधीश चित्तौड़गढ़ के पीठासीन अधिकारी मानसिंह चुण्डावत ने 27 अक्टूबर 2026 को चुनाव याचिका दर्ज करने का आदेश दिया। न्यायालय ने वार्ड संख्या 34 से निर्वाचित पार्षद रमेश उर्फ पींटू मीणा, नगर परिषद चित्तौड़गढ़ के चुनाव रिटर्निंग अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी चित्तौड़गढ़ को जवाब प्रस्तुत करने के लिए सम्मन के जरिए तलब किए जाने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई की तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

लंबित आपराधिक प्रकरण को बनाया याचिका का आधार

याचिकाकर्ता शांतिलाल भील की ओर से पेश याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचित पार्षद रमेश मीणा उर्फ पींटू के विरुद्ध अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1, चित्तौड़गढ़ के न्यायालय में प्रकरण संख्या 2224/2022 लंबित है। याचिका के अनुसार, राज्य बनाम राकेश व अन्य मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323, 341, 147, 149 और 365 के तहत आरोप विरचित किए जा चुके हैं तथा मामला साक्ष्य के स्तर पर लंबित है।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि उक्त प्रकरण और आरोपों के आधार पर रमेश मीणा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 24(3) के तहत पार्षद निर्वाचित होने के लिए अयोग्य हैं। इसी आधार पर याचिका में उनके निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की गई है।

स्वयं को निर्वाचित घोषित करने की भी मांग

शांतिलाल भील ने याचिका में स्वयं को निकटतम प्रतिद्वंद्वी बताते हुए वार्ड संख्या 34 से निर्वाचित घोषित करने की राहत भी मांगी है। अब मामले में न्यायालय के समक्ष संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद याचिका पर निर्णय होगा।

फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है। याचिका में लगाए गए आरोप और अयोग्यता संबंधी दावे याचिकाकर्ता की दलीलें हैं। न्यायालय का अंतिम निर्णय आना शेष है।