पूजा-अर्चना के साथ मुकेश कुमार दरोगा ने संभाला सरपंच पद का कार्यभार, डीजे की धुन पर राजस्थानी गीतों में झूमे ग्रामीण

कार्यभार ग्रहण करने से पहले पीड़ित किसान परिवार को दी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

दिलखुश मीना

सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत गोरधा के नवनिर्वाचित सरपंच मुकेश कुमार दरोगा ने शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना कर सरपंच पद का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। डीजे पर बजते राजस्थानी गीतों की धुन पर ग्रामीणों ने जमकर ठुमके लगाए। युवाओं सहित ग्रामीणों ने नाच-गाकर खुशी का इजहार किया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।

कार्यभार संभालने से पहले दिखाई मानवीय संवेदना
सरपंच पद का कार्यभार संभालने से पहले ही मुकेश कुमार दरोगा ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए गोरधा गांव के एक पीड़ित किसान परिवार को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। दरअसल, किसान परिवार के पशुओं के लिए बाड़े में रखा गया चारा आग लगने से जलकर राख हो गया था। इससे परिवार के सामने पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई थी। परिवार की परेशानी को देखते हुए मुकेश कुमार ने आर्थिक सहयोग कर मानवीय पहल की। उनकी इस पहल को ग्रामीणों ने सराहनीय कदम बताया।

68 मतों से जीतकर पहली बार बने सरपंच

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत गोरधा के सरपंच चुनाव में शोक्या खेड़ा निवासी मुकेश कुमार दरोगा ने 68 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 359 मत प्राप्त हुए थे। उन्होंने पहली बार चुनाव मैदान में उतरकर सरपंच पद पर जीत दर्ज की।

मुकेश कुमार दरोगा स्वर्गीय भंवर लाल दरोगा के पुत्र हैं। वे किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी शिक्षा आठवीं कक्षा तक है तथा वे पेशे से इलेक्ट्रिशियन होने के साथ खेती-बाड़ी का कार्य भी करते हैं। उनके परिवार की पहले कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही है और परिवार के किसी सदस्य ने इससे पूर्व चुनाव नहीं लड़ा था। ऐसे में पहली बार चुनाव मैदान में उतरकर सरपंच बनने की उनकी उपलब्धि खास मानी जा रही है।

शोक्या खेड़ा गांव को दूसरी बार मिला सरपंच बनने का गौरव

मुकेश कुमार दरोगा की जीत के साथ ही शोक्या खेड़ा गांव को दूसरी बार ग्राम पंचायत गोरधा का सरपंच बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। इससे पहले वर्ष 1977 से 1980 तक स्वर्गीय श्रीकिशन मीणा सरपंच रहे थे, जो ग्राम पंचायत गोरधा के तीसरे तथा शोक्या खेड़ा गांव के पहले सरपंच थे। लंबे अंतराल के बाद शोक्या खेड़ा गांव से सरपंच निर्वाचित होने पर ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है।

34 वर्ष की उम्र में संभाली सरपंच पद की जिम्मेदारी

नवनिर्वाचित सरपंच मुकेश कुमार दरोगा की उम्र 34 वर्ष है। सरल स्वभाव के धनी मुकेश कुमार हनुमान जी के भक्त हैं। अब उनके सामने ग्राम पंचायत गोरधा के विकास, मूलभूत सुविधाओं में सुधार और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर ग्रामीणों का उत्साह, राजस्थानी गीतों पर नृत्य और पीड़ित किसान परिवार को आर्थिक सहायता देने की पहल चर्चा का विषय रही। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए सरपंच के नेतृत्व में ग्राम पंचायत गोरधा विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।

पदभार ग्रहण कार्यक्रम में उप-सरपंच राजकुमारी मीना,ग्राम विकास अधिकारी किशन कुमार माली,वार्डपंच भुरी देसी मीना,गोमाराम मीना,रीना कंवर,रामफुल मीना,ब्रहा देवी मीना, सुरेश बलाई, भुत पुर्व सरपंच जगदीश प्रसाद जांगिड़,सरपंच प्रत्याशी सुरता कुमारी मीना, सुरेन्द्र कुमार मीना,मोहन लाल मीना,भवानी सिंह सोलंकी,मुलचंद बलाई,रामेश्वर दरोगा,रवि वैष्णव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।