राणा नरेशकुमार बने राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष

राष्ट्रीय अध्यक्ष यशवंत सिंह दरबार के निर्देशन में राष्ट्रीय महासचिव राकेश मीणा ने की नियुक्ति, गुजरात में संगठन विस्तार और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए निभाएंगे अहम भूमिका

राकेश मीणा

अहमदाबाद। स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुजरात प्रदेश में नई नियुक्ति की है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशवंत सिंह दरबार के निर्देशन में राष्ट्रीय महासचिव राकेश मीणा ने राणा नरेशकुमार कनैयालाल को गुजरात प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया है। उनकी नियुक्ति से गुजरात में संगठन को नई मजबूती मिलने और आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की उम्मीद जताई जा रही है।

राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच देशभर में आदिवासी समाज को संगठित करने, समाज के अधिकारों की रक्षा करने और विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रहा है। मंच का उद्देश्य आदिवासी समाज की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना, शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा समाज के लोगों को एकजुट कर विकास की मुख्यधारा में भागीदारी सुनिश्चित करना है।

### गुजरात में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी

राणा नरेशकुमार कनैयालाल को गुजरात प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने के साथ ही प्रदेश में संगठन के विस्तार की दिशा में नई पहल शुरू होगी। उनके नेतृत्व में गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी समाज के लोगों को संगठन से जोड़ने, सामाजिक गतिविधियों को गति देने तथा समाज के हितों से जुड़े विषयों पर सक्रियता बढ़ाने की अपेक्षा है।

गुजरात में आदिवासी समाज की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में राणा नरेशकुमार को संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और समाज के लोगों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

### राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में देशभर में विस्तार

राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशवंत सिंह दरबार के नेतृत्व में संगठन विभिन्न राज्यों में अपनी इकाइयों को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय महासचिव राकेश मीणा संगठनात्मक विस्तार और विभिन्न प्रदेशों में नई नियुक्तियों के माध्यम से मंच को व्यापक स्वरूप देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

संगठन का मानना है कि प्रदेश स्तर पर मजबूत नेतृत्व मिलने से आदिवासी समाज की स्थानीय समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही विभिन्न राज्यों में कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

### आदिवासी समाज के अधिकारों और विकास पर रहेगा जोर

राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच का प्रमुख उद्देश्य आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक सम्मान, शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाना है। संगठन समाज के लोगों को जागरूक करने के साथ ही उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित संस्थाओं और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास करने की दिशा में कार्य करता है।

गुजरात प्रदेश अध्यक्ष के रूप में राणा नरेशकुमार कनैयालाल से भी संगठन को उम्मीद है कि वे प्रदेश में आदिवासी समाज के हितों को प्राथमिकता देते हुए संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। उनकी नियुक्ति को गुजरात में राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राष्ट्रीय महासचिव राकेश मीणा ने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष यशवंत सिंह दरबार के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत बनाने, समाज के लोगों को एकजुट करने और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए प्रभावी कार्य करेंगे।

राष्ट्रीय आदिवासी एकता मंच की ओर से गुजरात प्रदेश में नई जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और समाज के अधिकाधिक लोगों को मंच से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाने की उम्मीद है।