लोकगीतों की ताल पर लोकतंत्र की पुकार, लोक संस्कृति के जरिए जगाई मतदान की अलख

राजस्थानी वेशभूषा, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने दिया मतदान का संदेश, स्वीप अभियान के तहत जिलेभर में हुए आयोजन

अनिल कुमार खींची

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।कहीं लोकगीतों की गूंज तो कहीं पारंपरिक नृत्यों की थाप, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच विद्यार्थियों ने लोकतंत्र में मतदान की अहमियत का संदेश दिया। जिला स्वीप के तत्वावधान में सोमवार को जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ‘लोक संस्कृति के रंग, लोकतंत्र के संग’ थीम पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने राजस्थानी लोकगीतों, पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्यों के माध्यम से आमजन को मतदान के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने लोककलाओं के जरिए मतदान को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताते हुए प्रत्येक नागरिक से चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी लोक परंपराओं को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए अधिकाधिक मतदान का संदेश दिया।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी धनदान देथा के निर्देशन में आयोजित गतिविधियों में उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति आमजन तक अपनी बात पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। स्थानीय परंपराओं और लोककलाओं के जरिए मतदान जागरूकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

जिला स्वीप टीम की ओर से निर्धारित थीम के तहत जिले के राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन में मतदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।