हिंदुस्तान जिंक ने गैल्वनाइजिंग उद्योग के लिए दो नए जिंक एलॉय किए लॉन्च

‘वेदएज’ और ‘वेदआयुष’ से कोटिंग की गुणवत्ता, उत्पादन दक्षता और जंग-रोधी क्षमता बेहतर बनाने में मिलेगी मदद

उदयपुर। स्मार्ट हलचल|हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने गैल्वनाइजिंग उद्योग के लिए नई पीढ़ी के दो जिंक एलॉय ‘वेदएज’ (VedAZ) और ‘वेदआयुष’ (VedAyush) लॉन्च किए हैं। कंपनी के अनुसार, भारत के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए ये एलॉय उत्पादन प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने, कोटिंग की गुणवत्ता में समानता लाने और गैल्वनाइज्ड स्टील की टिकाऊपन बढ़ाने में सहायक होंगे।

कंपनी के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्रों में वैल्यू-एडेड जिंक उत्पादों की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘वेदएज’ और ‘वेदआयुष’ के जरिए ग्राहकों की अलग-अलग उत्पादन और प्रदर्शन संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

‘वेदएज’ एक विशेष जिंक-एल्यूमिनियम मास्टर एलॉय है। कंपनी के मुताबिक, यह गैल्वनाइजिंग बाथ में एल्यूमिनियम की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे कोटिंग की मोटाई और सतह की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। यह जिंक की हानि और अवांछित अवशेष (ड्रॉस) बनने को कम करने में भी सहायक है।

वहीं, ‘वेदआयुष’ जिंक-एल्यूमिनियम-मैग्नीशियम एलॉय है, जिसे कठिन औद्योगिक परिस्थितियों में बेहतर जंग-रोधी क्षमता और मजबूती के लिए विकसित किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह उच्च आर्द्रता, तटीय क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण औद्योगिक वातावरण में उपयोगी हो सकता है। इसका उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, घरेलू उपकरणों, बिजली ट्रांसमिशन और अन्य औद्योगिक प्रणालियों में किया जा सकता है।

हिंदुस्तान जिंक अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी हिंदुस्तान जिंक एलॉयज प्राइवेट लिमिटेड (एचजेडएपीएल) के माध्यम से राजस्थान के राजपुरा-दरीबा में 30,000 टन वार्षिक क्षमता वाला जिंक एलॉय मेल्टिंग और कास्टिंग संयंत्र संचालित करती है। कंपनी के विशेष एलॉय पोर्टफोलियो में एचजेडए-3 और एचजेडए-5 जैसे जिंक डाई-कास्टिंग ग्रेड भी शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, एचजेडए-5 को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का प्रमाणन प्राप्त है।

कंपनी ने कहा कि नए एलॉय उसके विशेष जिंक उत्पादों के पोर्टफोलियो को मजबूत करेंगे और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर तथा विनिर्माण क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में योगदान देंगे।