इंटर-कॉलेज और इंटर-यूनिवर्सिटी खेलकूद शुल्क सभी विद्यार्थियों से वसूलने का विरोध, शुल्क में संशोधन को लेकर कुलगुरु के नाम सौंपा ज्ञापन
भीनमाल। स्मार्ट हलचल|जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की ओर से संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित परीक्षा शुल्क एवं अतिरिक्त शुल्कों को लेकर विद्यार्थी संगठन ने आपत्ति जताई है। विश्वविद्यालय की ओर से 4 नवंबर 2026 को जारी सूचना के अनुसार परीक्षा शुल्क 1320 रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि विभिन्न अतिरिक्त शुल्क शामिल होने के बाद कुल राशि 2970 रुपए तक पहुंच रही है। विद्यार्थी संगठन का कहना है कि इस शुल्क व्यवस्था से विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक भार पड़ रहा है। इस संबंध में विद्यार्थी संगठन की ओर से कुलगुरु, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के नाम राजकीय के.जी. गोवाणी महाविद्यालय, भीनमाल के प्राचार्य के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर शुल्क व्यवस्था में पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
*खेलों में भाग नहीं लेने वाले विद्यार्थियों से क्यों लिया जाए शुल्क?*
ज्ञापन में इंटर-कॉलेज एवं इंटर-यूनिवर्सिटी गेम्स शुल्क प्रत्येक विद्यार्थी से अनिवार्य रूप से वसूलने की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का कहना है कि सभी विद्यार्थी खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेते हैं। ऐसे में प्रत्येक विद्यार्थी से परीक्षा आवेदन के साथ खेलकूद शुल्क लेना उचित नहीं है। खेल गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग से व्यवस्थाएं एवं शुल्क निर्धारित किए जा सकते हैं। इसलिए खेलकूद शुल्क केवल संबंधित गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों से अथवा नियमानुसार निर्धारित व्यवस्था के तहत ही लिया जाना चाहिए।
*अतिरिक्त शुल्कों की हो समीक्षा, मदवार विवरण भी मिले*
विद्यार्थी संगठन ने एनरोलमेंट शुल्क, अंकतालिका शुल्क, खेलकूद शुल्क, डेटा हैंडलिंग शुल्क सहित अन्य अतिरिक्त शुल्कों की आवश्यकता एवं औचित्य की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही विश्वविद्यालय से सभी शुल्कों का स्पष्ट मदवार विवरण जारी करने की मांग की गई है, जिससे विद्यार्थियों को पता चल सके कि किस मद में कितनी राशि वसूल की जा रही है और उसका उद्देश्य क्या है।
*ग्रामीण विद्यार्थियों को आर्थिक राहत देने की मांग*
ज्ञापन में कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों एवं सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना पहले ही आर्थिक चुनौतियों से जुड़ा है। ऐसे में परीक्षा आवेदन शुल्क एवं अतिरिक्त शुल्कों में उचित संशोधन कर विद्यार्थियों को राहत प्रदान की जानी चाहिए।
विद्यार्थी संगठन ने महाविद्यालय प्राचार्य से ज्ञापन को अपनी अनुशंसा सहित विश्वविद्यालय के कुलगुरु को अग्रेषित करने का आग्रह किया है। साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर खेलकूद शुल्क सहित अन्य अतिरिक्त शुल्कों की व्यवस्था में आवश्यक संशोधन कर विद्यार्थी हित में निर्णय लेने की मांग की है।