गिलुंड में सादगी और सेवा ने तोड़ा धनबल का गुरूर: दोस्तों ने चंदा जुटाकर लड़ाया चुनाव, 148 वोटों से जीतकर सरपंच बने ‘श्रवण महाराज’
हाथ जोड़कर बोले थे—’पैसे नहीं हैं पर सेवा में कमी नहीं आने दूंगा’, युवाओं की टोली ने संभाला पूरा खर्च; पैसे बांटने के वायरल वीडियो व दिग्गजों के रसूख को पछाड़कर रचा इतिहास, प्रतिद्वंद्वियों को गले लगाकर बोले—’अब हम तीनों मिलकर करेंगे विकास’
शंभूपुरा/चित्तौड़गढ़ (स्मार्ट हलचल/ओम जैन)
पंचायती राज चुनाव में जहां पानी की तरह पैसा बहाने की खबरें आम हैं, वहीं चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गिलुंड में जनता ने सादगी और निष्ठा को चुनकर एक प्रेरक इतिहास रच दिया है। धनबल और रसूखदार चेहरों के सामने एक साधारण व सेवाभावी ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले श्रवण कुमार शर्मा (श्रवण महाराज) ने 148 मतों से ऐतिहासिक विजय हासिल कर सरपंच पद पर कब्जा जमाया।
युवाओं ने चंदा जुटाकर संभाला खर्च, सुबह 5 बजे जब परिणाम आया तो छलक पड़े आंसू
चुनावी हलचल के दौरान जब गांव के युवाओं की टोली श्रवण महाराज के पास चुनाव लड़ने का प्रस्ताव लेकर पहुंची, तो उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए हाथ जोड़ लिए। इस पर युवाओं ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए कहा कि वे सिर्फ नामांकन भरें, बाकी सब गांव के साथी देख लेंगे। युवाओं ने मिलकर सामान्य चुनाव खर्च उठाया, प्रचार किया और सुबह 5 बजे तक मतगणना परिणाम का इंतजार किया। जैसे ही 148 मतों से विजय की घोषणा हुई, श्रवण महाराज और उनके युवा समर्थक भावुक हो गए।
वोटर को पैसे देने का वीडियो हुआ था वायरल, कद्दावर नेता 5वें नंबर पर धकेले गए
चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी का कथित रूप से वोटरों को पैसे बांटने का वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था, लेकिन जनता ने धनबल को सिरे से खारिज कर दिया। कुल 9 उम्मीदवारों के मुकाबले में श्रवण शर्मा ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी किशन डांगी को 148 वोटों से पराजित किया। पूर्व सरपंच हेमराज भोई तीसरे नंबर पर रहे, जबकि निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि और कांग्रेस के कद्दावर नेता हुकमीचंद चोपड़ा को मतदाताओं ने सीधे 5वें पायदान पर पहुंचा दिया।
🛑 गिलुंड पंचायत चुनाव : मुख्य बिंदु
- ऐतिहासिक जीत: सादगी की मिसाल श्रवण कुमार शर्मा (श्रवण महाराज) 148 वोटों से निर्वाचित।
- बड़ा उलटफेर: 9 प्रत्याशियों में पूर्व सरपंच हेमराज भोई तीसरे और कद्दावर नेता हुकमीचंद चोपड़ा 5वें स्थान पर रहे।
- सादगी बनाम धनबल: कथित कैश बांटने के वीडियो के बीच युवाओं ने चंदा एकत्र कर लड़ाया महाराज का चुनाव।
- अनोखी पहल: प्रतिद्वंद्वी किशन डांगी व प्रकाश डांगी को गले लगाकर कहा—’अब गिलुंड के तीन सरपंच, मिलकर करेंगे विकास’।
- निर्विरोध उपसरपंच: वार्ड पंच सम्पत भेरू गाडरी को सर्वसम्मति से बनाया निर्विरोध उपसरपंच।
‘अब हम तीनों मिलकर करेंगे विकास’, सम्पत गाडरी बनीं निर्विरोध उपसरपंच
जीत के बाद नवनिर्वाचित सरपंच श्रवण शर्मा ने डूंगरी पर पैदल चढ़कर देवदर्शन किए और घर-घर जाकर बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी किशन डांगी व प्रकाश डांगी को गले लगाते हुए कहा कि गांव के विकास में उनके सभी चुनावी वादों को भी पूरा किया जाएगा। इसके बाद उनके नेतृत्व में सभी वार्ड पंचों ने एकजुट होकर महिला वार्ड पंच सम्पत भेरू गाडरी को निर्विरोध उपसरपंच चुना।