– ईलाज में लापरवाही,झूठे केस में फँसाने की धमकी सहित शिकायत वापस लेने का दबाव-मामला गरमाया,
– आरोपी डॉक्टर को संरक्षण देने व शिकायत वापस लेने का कथित रूप से बनेठा थानाधिकारी पर आरोप
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा।स्मार्ट हलचल|उनियारा उपखंड क्षेत्र के बनेठा कस्बा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित श्रीपुरा उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्वास्थ्य सेवाओं में चिकित्साकर्मियों द्वारा एक आर्मी के साथ अपने पद का दुरूपयोग कर लापरवाही और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर मामला सामने आया है। बनेठा क्षेत्र के ग्राम श्रीपुरा निवासी एवं जाट रेजिमेंट में कार्यरत सैनिक रामराज चौधरी ने राजस्थान संपर्क पोर्टल सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मौखिक सहित परिवाद प्रस्तुत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनेठा के डॉक्टर कुंदन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी रामराज चौधरी की माताजी काली देवी गंभीर रूप से बीमार हैं, जिन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार हर 2 से 3 दिन में इंजेक्शन लगवाना आवश्यक है। आरोप है कि श्रीपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र अधिकांश समय बंद रहने के कारण मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा।परिवादी ने बताया कि 17 मार्च 2026 से अस्पताल समय के दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर ताले लगे होने की शिकायत उन्होंने बीसीएमओ उनियारा व सीएमएचओ टोंक को लोकेशन फोटो सहित भेजी थी। इसके बावजूद बीसीएमओ व सीएमएचओ के निर्देश के बावजूद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिससे मजबूर होकर उन्हें निजी नर्सिंगकर्मी बुलाकर अपनी मां का ईलाज करवाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि 4 अप्रैल को जब वे घर के समीप ही उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर भी ताला लटका मिला, जबकि नर्सिंगकर्मी अनीता मीणा ने फोन पर अवकाश पर होने की जानकारी दी। इसके बाद भी डॉक्टर व स्टाफ अनुपस्थित मिले, जिससे मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल सका। लगातार लापरवाही से परेशान होकर परिवादी ने 4 अप्रैल को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। आरोप है कि शिकायत के बाद सीएचसी बनेठा के डॉक्टर कुंदन ने आर्मी मेन से फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धारा 151 में बंद कराने की धमकी दी। मामला तब और गरमा गया जब 9 अप्रैल को बनेठा थानाधिकारी भागीरथ सिंह राजावत (पुलिस निरीक्षक) पर भी आरोपी चिकित्सक का पक्ष लेते हुए शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। हालांकि परिवादी ने किसी भी प्रकार के समझौते से साफ इनकार कर दिया। सैनिक रामराज चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर द्वारा द्वेषपूर्ण भावना से उन्हें महिला चिकित्सा कार्मिकों से झूठे आपराधिक मामलों में फँसाने की धमकी दी गई और उनके खिलाफ अभद्र व्यवहार के निराधार आरोप लगाए गए, जिन्हें उन्होंने खारिज किया है। उन्होंने कहा, “जब एक सैनिक के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम जनता के साथ क्या होता होगा।” परिवादी ने सीएमएचओ सहित शासन प्रशासन से निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने बताया कि उनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें जांच में प्रस्तुत किया जाएगा। इधर, मामला उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद सीएचसी बनेठा के प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा अपने बचाव में श्रीपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता अनीता मीणा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रियंका मीणा को स्पष्टीकरण व कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में दोनों कार्मिकों पर पिछले 10 दिनों से अनुपस्थित रहने की शिकायत का उल्लेख करते हुए समय पर ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद क्षेत्र के चिकित्सा विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि दोषियों पर कार्यवाही हो पाएगी या मामला डाक के तीन पात बनकर रह पाएगा, हालांकि आर्मी मेन परिवादी ने मामले में पूरी कार्यवाही तक न्याय की लड़ाई लड़ने की बात कही है।
