आंगनबाड़ी मरम्मत में अनियमितता का आरोप: 2.50 लाख के बजट में सिर्फ लिपापोती, पंचायत समिति की भूमिका संदिग्ध

स्मार्ट हलचल: ग्राउंड रिपोर्ट / भ्रष्टाचार के आरोप

आंगनबाड़ी मरम्मत में अनियमितता का आरोप: 2.50 लाख के बजट में सिर्फ लिपापोती, पंचायत समिति की भूमिका संदिग्ध

खजुरी | स्मार्ट हलचल संवाददाता

ग्राम पंचायत शक्करगढ़ के जोजर गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के मरम्मत कार्य में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस कार्य में भ्रष्टाचार का अंदेशा जताते हुए उपखण्ड अधिकारी (SDM), जहाजपुर को लिखित शिकायत दी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अधूरे कार्य को सही तरीके से पूर्ण करवाने की मांग की है।

DMFT फंड से मिले 2.50 लाख, ठेकेदार ने की सिर्फ पुताई

ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र को बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने हेतु मरम्मत कार्य के लिए DMFT फंड से करीब 2.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। लेकिन आरोप है कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता को ताक पर रखकर केवल लिपापोती और रंग-पुताई कर कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है। केंद्र की खिड़कियां अभी भी जर्जर अवस्था में हैं, जिन्हें बदला ही नहीं गया।

हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों का कहना है कि छत की मरम्मत ग्राम पंचायत द्वारा पहले ही करवाई जा चुकी थी। इसके बावजूद नए कार्य में पारदर्शिता का अभाव है और ठेकेदार बिना समुचित कार्य किए ही पूरा भुगतान उठाने की कोशिश में लगा हुआ है।

पहले भी उरना गांव में हो चुकी है लापरवाही

इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि इसी तरह की लापरवाही इससे पहले उरना गांव में भी ठेकेदार द्वारा बरती गई थी। उस समय भी विकास अधिकारी (BDO), जहाजपुर को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बार-बार की अनदेखी से ग्रामीणों ने प्रशासन पर ठेकेदारों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों की मांग और अधिकारी का जवाब:

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे कार्य की तकनीकी टीम से निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि आंगनबाड़ी केंद्र नौनिहालों और महिलाओं के लिए वास्तव में सुरक्षित बन सके।

इनका कहना है:

“मामले की जानकारी मिली है, मैं इसे दिखवाता हूं और जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
– सीताराम मीना, विकास अधिकारी (BDO), जहाजपुर