– मेस कर्मचारी की बेटियों की शादी में पुलिस ने भरा मायरा-भरोसे और संवेदनशीलता की मिसाल
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल|कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार निभाना पुलिस की अहम जिम्मेदारी है।इसी जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनेठा थाना पुलिस ने पेश किया, जहां पुलिसकर्मियों ने एक जरूरतमंद परिवार की खुशियों में सहभागी बनकर सामाजिक विश्वास को और मजबूत किया।
उनियारा सर्किल के बनेठा थाना क्षेत्र में मेस लांगरी भैरूलाल प्रजापत की दो बेटियों नेहा और पूजा की शादी के अवसर पर पुलिस ने “मायरा” भरकर न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि रिश्तों की गरिमा और मानवता का संदेश भी दिया।रविवार को आयोजित भात कार्यक्रम में थाना स्टाफ ने सामूहिक रूप से 75,211 रुपये नकद एवं कपड़ों का सहयोग प्रदान किया। यह पहल केवल सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस और समाज के बीच भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गई। बताया गया कि भैरूलाल प्रजापत ने सादगीपूर्ण जीवन और अपने व्यवहार से थाना स्टाफ को प्रभावित किया था। इसी आत्मीयता के चलते थाना प्रभारी भागीरथ सिंह राजावत (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने स्वेच्छा से योगदान कर मायरा भरने का निर्णय लिया। कार्यक्रम में पुलिस टीम डीजे के साथ उत्साहपूर्वक भात लेकर पहुंची, जहां पारंपरिक मंगल गीतों के बीच रस्में निभाई गईं। भैरूलाल की पत्नी सीमा देवी ने सभी पुलिसकर्मियों को भाई मानकर तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। वहीं थाना प्रभारी ने भी सीमा देवी को बहन मानते हुए चुनरी ओढ़ाकर सामाजिक रिश्तों की मिसाल पेश की, जिससे माहौल भावुक हो उठा। इस पहल ने यह साबित किया कि पुलिस केवल कानून का पालन कराने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा है, जो जरूरत पड़ने पर संवेदनशीलता के साथ आगे आती है। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस मानवीय रूप की खुलकर सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया।कार्यक्रम में थाना प्रभारी भागीरथ सिंह, एएसआई भवानी शंकर जाट, हेड कांस्टेबल दयाराम जाट, राजेश चावला, अशोक चौधरी, गणपत जांगिड़ सहित अन्य पुलिसकर्मी एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
*सामाजिक मानवता का संदेश*
जब कानून व्यवस्था के साथ मानवता जुड़ती है, तब समाज में विश्वास, सहयोग और सौहार्द की मजबूत नींव तैयार होती है।
