‘सगा का कागज आया जी ओ सांवल सा…’ भजनों पर झूमे श्रद्धालु

अग्रसेन जयंती महोत्सव के प्रथम दिन नानी बाई का मायरा कथा में नरसिंह मेहता की भक्ति का भावपूर्ण वर्णन

अनिल कुमार खींची

ब्यावर। स्मार्ट हलचल|महाराजा अग्रसेनजी की 5150वीं जयंती महोत्सव के प्रथम दिन नानी बाई का मायरा कथा का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ हुआ। साध्वी कमलेश सरस्वती के पावन सानिध्य में कथावाचक सुश्री प्रियांशी भारद्वाज, मथुरा ने नरसिंह मेहता की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति और विश्वास का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान महारास के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।कथावाचक प्रियांशी भारद्वाज ने कहा कि भगवान की नजर में सभी भक्त समान हैं। प्रभु की दृष्टि में अमीर-गरीब तथा जात-पांत का कोई भेद नहीं है। उन्होंने करमाबाई के प्रभु के प्रति विश्वास, प्रहलाद की भक्ति-निष्ठा, मीरा बाई के त्याग एवं समर्पण तथा नरसिंह मेहता के द्वारिकाधीश के प्रति अटूट विश्वास के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।

नानी बाई के मायरे का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि नरसिंह मेहता भगवान कृष्ण के अनन्य भक्त थे। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद वे सदैव भगवान के भजन एवं स्मरण में लीन रहते थे। नानी बाई के विवाह के अवसर पर सगे-संबंधियों ने विभिन्न सामान, वस्त्र एवं आभूषणों की सूची बनाकर जोशीजी के माध्यम से नरसिंह मेहता तक पहुंचाई। सूची देखकर नरसिंह मेहता ने वह कागज भगवान द्वारिकाधीश के समक्ष रख दिया और कहा— ‘सगा का कागज आया जी ओ सांवल सा…’। कथा के इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

कथा के दौरान प्रसंगानुसार जीवंत झांकियां भी सजाई गईं। व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक सुश्री प्रियांशी भारद्वाज का आयोजक बी.एम. अग्रवाल परिवार के मुकेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण कंदोई एवं विनोद गर्ग ने उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया। जयंती संयोजक पवन रायपुरिया ने आयोजन की जानकारी दी, जबकि मंत्री निखिल जिंदल ने कथा प्रसंगों के बारे में बताया।

कथा के समापन पर महाआरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन की व्यवस्थाओं में मुकेश गर्ग, अशोक गोयल, सुशील गर्ग, गणपत सर्राफ, अविनाश गर्ग, लोकेन्द्र अग्रवाल, प्रशांत गर्ग, धीरज गोयल, श्रवण गर्ग, बालकिशन डाणी, शिवांशु अग्रवाल, राघव अग्रवाल, विश्वास अग्रवाल, अनुभव अग्रवाल, विशाल गोयल, आशीष गोयल, रजत अग्रवाल, सुनील जिंदल, चिराग गर्ग, अनिता अग्रवाल, कविता अग्रवाल, आशा अग्रवाल, सविता अग्रवाल, सजेल गर्ग, पायल अग्रवाल, मोनिका गुप्ता, विजेता अग्रवाल, नीता मित्तल, सुमन अग्रवाल एवं सरिता अग्रवाल ने सहयोग प्रदान किया।