सूफ़ियाना रंग में रंगी महफ़िल-ए-कव्वाली, जायरीन झूम उठे इश्क़-ए-इलाही में

निंबाहेड़ा,30 अप्रैल 2026

स्मार्ट हलचल|हज़रत रोशन अली बावा साहब के 65 वें सद्भावना उर्स मुबारक के दूसरे दिन की रूहानी फिज़ा उस वक़्त और भी पुरनूर हो उठी, जब बाद नमाज़-ए-इशा आयोजित महफ़िल-ए-कव्वाली में मशहूर कव्वाल हाजी अली मुकर्रम अली वारसी (भोपाल) ने अपने सूफ़ियाना कलाम से समां बाँध दिया। दरगाह परिसर में मौजूद अकीदतमंद जायरीन इश्क़-ए-हक़ीक़ी में सराबोर होकर झूम उठे और पूरा माहौल “अल्लाह हू” की सदाओं से गूंजायमान हो गया।

कव्वाल ने अपने असरदार और दिलनशीं अंदाज़ में “मन कुन्तो मौला”, “या मुहम्मद नूर-ए-मुजस्सम”, “अबू तालिब के घराने के मुसलमान”, “या हुसैन इब्ने अली आपकी क़दमों की क़सम” तथा ग़रीब नवाज़ की शान में पेश किए गए कलाम से महफ़िल को रूहानियत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया। हर कलाम पर जायरीन ने दाद-ओ-तहसीन पेश करते हुए आध्यात्मिक जुड़ाव का इज़हार किया।

यह भव्य आयोजन रोशन अली बावा साहब सेवा संस्थान, सुभाष चौक सब्ज़ी मंडी, निंबाहेड़ा के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय उर्स में चल रहा हे।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हज़रत शहाबुद्दीन बावा एवं उर्स कमेटी सदर हाजी मुन्ना भाई दुर्रानी मौजूद रहे, जबकि अध्यक्षता नायब सदर ज़ाकिर कुरैशी ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में लियाकत खां मेव (पूर्व अंजुमन सदर, मल्हारगढ़), हाजी साबिर खा मसूदी, (नीमच), हाजी वसीम खान (काज़ी टूर्स, नीमच), सैलानी ग्रुप के मय्यन भाई, कप्तान भाई, वसीम मेव, अलीम मंसूरी,इकबाल मेव, शकील गोरी, हाजी अख्तर पटेल, हाजी भूरू जागीरदार, वारसी बाबा (नाथद्वारा) तथा दाउदी बोहरा समाज के सचिव अम्मार बोहरा, बुरहान बोहरा, मंसूर अली बोहरा सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों का उर्स कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा पारंपरिक अंदाज़ में माल्यार्पण एवं दस्तारबंदी कर गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया गया।
इस मौके पर संस्था के सदर सादिक हुसैन, नायब सदर ज़ाकिर हुसैन, सचिव मतलूब अजमेरी, उर्स संयोजक मो.फारूक छिपा कोषाध्यक्ष अयाज़ खान सहित रफीक मेवाफरोश, साकिब छीपा, अब्दुल हमीद उर्फ भूरू मेव, नाहिद मौलाना, फिरोज गोरी, मोहसिन खान, नदीम खान, तालिब अहमद, तनवीर अली, साहिल, अब्दुल हक,नदीम खान जमील खान उर्फ भाया बैट्री, इमरान खान, सलीम जई,हाजी कल्लू बा, अनीस अहमद शेख, तनवीर मेव, भूरू शेख, यूसुफ मंसूरी,रजा इंदौरी,वसीम हटेली, अनवर पेंटर, आज़ाद गोरी, महबूब,नासिर खान, सलीम पठान,असलम नियारगर सहित बड़ी तादाद में अकीदतमंद और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

उर्स के इस मुबारक मौके पर या अली अखाड़ा कच्ची बस्ती, गरीब नवाज लंगर कमेटी तथा कमर अली दुर्गेश बावा कमेटी की जानिब से जायरीनों के लिए ठंडे शरबत की बेहतरीन व्यवस्था भी की गई, जिससे सेवाभाव और मेहमाननवाज़ी की मिसाल पेश हुई।

रूहानियत, मोहब्बत और कौमी एकता का पैग़ाम देती इस महफ़िल-ए-कव्वाली ने उर्स के दूसरे दिन को यादगार बना दिया, जहाँ हर दिल इश्क़-ए-इलाही में डूबा नज़र आया।

उर्स के चौथे दिन 1 मई को मशहूर कव्वाल आमिल आरिफ(दिल्ली)अपना कलाम पेश करेंगे