कुरेडी–कुरेडा मार्ग पर बबूल की झाड़ियां बनीं जानलेवा,हर दिन हादसे की आशंका

स्कूली बच्चों सहित हजारों राहगीरों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा-ग्रामीणों ने झाड़ियां हटाकर मार्ग सुरक्षित करने की उठाई मांग

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/पीपलू।स्मार्ट हलचल|पीपलू उपखंड क्षेत्र के कुरेडी–कुरेडा मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे और सड़क तक फैली बबूल की झाड़ियां राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं। झाड़ियों के कारण दृश्यता प्रभावित हो रही है और सड़क संकरी होने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यह मार्ग कुरेडी, पासंरोटिया सहित आसपास के कई गांवों को उपखंड मुख्यालय पीपलू एवं जिला मुख्यालय टोंक से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इस सड़क मार्ग से दोपहिया व चौपहिया वाहन, स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान और आमजन बड़ी संख्या में आवागमन करते हैं।
स्थानीय निवासी नरेश मीणा सामाजिक कार्यकर्ता सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के दोनों ओर फैली बबूल की झाड़ियों के कारण सामने से बड़े वाहन आने पर स्कूली बच्चों को बचने के लिए झाड़ियों के भीतर तक जाना पड़ता है। इस दौरान कांटे बच्चों के कपड़ों और शरीर में चुभ जाते हैं। वहीं, यदि उसी समय कोई तेज रफ्तार वाहन गुजर जाए तो बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या से संबंधित विभाग और प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक झाड़ियों की कटाई नहीं कराई गई। बरसात के मौसम में झाड़ियां और अधिक फैल गई हैं, जिससे सड़क और भी संकरी दिखाई देने लगी है तथा वाहनों की क्रॉसिंग में भारी परेशानी हो रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क किनारे उगी बबूल की झाड़ियों को शीघ्र हटाकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों सहित सभी राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।