बस्सी सरपंच व वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग, सीईओ को सौंपा ज्ञापन

बस्सी सरपंच व वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग, सीईओ को सौंपा ज्ञापन

शमशान घाट पर सरकारी राशि से लगी पानी की टंकी हटाने का आरोप; ग्रामीणों ने स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। निकटवर्ती ग्राम बस्सी के वार्ड नंबर 1 स्थित कंजर बस्ती के निवासियों ने सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के खिलाफ कथित अनियमितता एवं सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करवाकर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के शमशान घाट पर सरकारी फंड से नवीन पानी की टंकी स्थापित की गई थी। आरोप है कि टंकी लगाने के बाद फोटो और वीडियोग्राफी करवाकर कार्य पूर्ण होना दर्शाया गया, लेकिन कुछ समय बाद टंकी को खोलकर वहां से दूसरी जगह ले जाया गया।


सरकारी राशि के उपयोग पर उठाए सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से कराए गए कार्य में टंकी हटाए जाने की स्थिति सामने आने से कार्य की वास्तविकता और सरकारी धन के उपयोग को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पूरे मामले की रिकॉर्ड एवं मौके के आधार पर जांच कराने की मांग की है।

मामला सामने आने के बाद सामग्री रखे जाने का आरोप

ज्ञापन के अनुसार जब ग्रामीणों ने मामला सार्वजनिक किया तो पंचायत से जुड़े व्यक्तियों द्वारा शमशान घाट पर केबल, रस्सा, मोटर, स्टार्टर सहित अन्य सामग्री रखी गई और उसकी वीडियोग्राफी की गई। ग्रामीणों ने इसे भी जांच का विषय बताते हुए पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच की मांग की।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि मामले को सार्वजनिक करने वाले लोगों पर जान से मारने की धमकी देकर माफी मांगने का दबाव बनाया गया। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण में सरपंच और संबंधित ग्राम विकास अधिकारी की प्रमुख भूमिका होने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग रखी।

पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि मामला केवल पानी की टंकी लगाए जाने या हटाए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी धन के उपयोग, ग्रामवासियों के अधिकार तथा पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा विषय है।

उन्होंने संबंधित रिकॉर्ड की जांच, मौके का सत्यापन और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जांच की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने की मांग की।

महत्वपूर्ण: सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी के संबंध में लगाए गए आरोप ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।