:- शैक्षिक महासंघ के जिला सम्मेलन में शाहपुरा जिले के सैकड़ों शिक्षक जुटे, संगठन की एकता से लेकर राष्ट्र निर्माण तक पर हुआ मंथन
राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी
स्मार्ट हलचल|श्री चारभुजानाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार को शिक्षकों की मौजूदगी से जीवंत हो उठा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) जिला इकाई शाहपुरा के दो दिवसीय जिला सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में शाहपुरा जिले के जहाजपुर, कोटड़ी, फूलियाकलां, बनेड़ा और शाहपुरा खंडों से सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए। सम्मेलन में शिक्षक हित, शिक्षा की गुणवत्ता, सामाजिक समरसता, विद्यालयी संस्कार और राष्ट्रीय चेतना जैसे विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे।
संगठन का मूल मंत्र- शिक्षक हित, शिक्षा हित और राष्ट्र हित
प्रथम सत्र की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने की। उन्होंने संगठन के मूल दर्शन “शिक्षक हित-शिक्षा हित-राष्ट्र हित” को संगठन की कार्यप्रणाली का आधार बताते हुए शिक्षकों को शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक भीलवाड़ा रामेश्वर लाल जीनगर ने विभागीय कार्यों एवं शिक्षा विभाग की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक भीलवाड़ा जगजीतेंद्र सिंह, जिला संगठन मंत्री दुर्गा शंकर शर्मा एवं जिला महिला उपाध्यक्ष रामेश्वरी बगड़िया रहे।
शिक्षक सम्मेलन को बताया संगठनात्मक शक्ति का मंच
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता अजमेर संभाग संगठन मंत्री महेश कुमार शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षक सम्मेलन केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि शिक्षक समाज की एकता, संगठनात्मक शक्ति और सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। मुख्य वक्ता सूर्य प्रकाश शर्मा, प्रांत सह संयोजक कुटुंब प्रबोधन, चित्तौड़ प्रांत ने संत रविदास जी के जीवन एवं उनके विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में समरसता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने पर जोर दिया।
जिला मंत्री अमर सिंह चौहान ने महासंघ की ओर से वर्षभर किए गए कार्यों का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिला कोषाध्यक्ष एवं जिला सम्मेलन संयोजक शांतिलाल पोखरना तथा जिला महिला मंत्री शांति धाभाई भी उपस्थित रहे।
“हमारा विद्यालय, हमारा तीर्थ” से राष्ट्र निर्माण का संदेश
तृतीय सत्र के मुख्य वक्ता देवेंद्र शर्मा, प्रदेश संयुक्त मंत्री एबीआरएसएम राजस्थान ने “हमारा विद्यालय, हमारा तीर्थ” विषय पर संबोधित किया। उन्होंने विद्यालय को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए प्रभावी प्रार्थना सभा की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। प्रांत गो सेवा प्रमुख भंवर लाल भांभी ने शिक्षा को राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय चेतना से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में देश के प्रति जिम्मेदारी और संस्कार विकसित करने पर बल दिया। तृतीय सत्र की अध्यक्षता जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीताराम चौधरी ने की।
पांच खंडों के शिक्षक रहे मौजूद
सम्मेलन में कोटड़ी खंड अध्यक्ष पुष्पेंद्र काबरा, कार्यक्रम सहसंयोजक सोजीराम माली, मंत्री कालूलाल शर्मा, जिला कार्यकारिणी से भगवान सिंह बनेड़ा, हनुमान प्रसाद शर्मा, शिवचरण शर्मा, मुकेश कुमावत, दिनेश शर्मा, दिनेश लक्षकार, अंबिका धाभाई, सोनाली मालू, जिला महिला संयुक्त मंत्री प्रिया सोनी, जिला पुरुष संयुक्त मंत्री रामगोपाल मीणा, शाहपुरा खंड अध्यक्ष नयन बुला, मंत्री संजय त्रिपाठी, फूलियाकलां खंड अध्यक्ष सत्यदेव पुरोहित, मंत्री चंद्रप्रकाश सोनी, जहाजपुर खंड अध्यक्ष मान सिंह मीणा, मंत्री कमल मीणा, बनेड़ा खंड अध्यक्ष वेद प्रकाश पारीक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा एवं जिला मंत्री अमर सिंह चौहान तथा जिला सम्मेलन संयोजक शान्ति लाल पोखरना ने सम्मेलन में पहुंचे सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन वैभव उपाध्याय एवं शिवचरण शर्मा ने किया।
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