खाद-बीज व्यापारियों की एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल; लिंकिंग प्रथा और लाइसेंस नियमों के खिलाफ खोला मोर्चा

अनिल कुमार

ब्यावर। स्मार्ट हलचल|देशव्यापी आह्वान के तहत ब्यावर के कृषि आदान व्यापारियों ने सोमवार को अपनी ज्वलंत समस्याओं और मांगों को लेकर हुंकार भरी। एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) के बैनर तले व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रमुख मांगों पर रहा जोर
ज्ञापन में व्यापारियों ने खाद की आपूर्ति के साथ कंपनियों द्वारा की जा रही ‘जबरन लिंकिंग’ (अनावश्यक उत्पाद थोपना) पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि इससे उन पर और किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इसके अलावा, व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से उठाई गईं:

मार्जिन में वृद्धि: डीलर मार्जिन को बढ़ाकर न्यूनतम 8 प्रतिशत किया जाए।

आपूर्ति नियम: सभी कृषि आदानों की आपूर्ति FOR (गंतव्य तक पहुंच) आधार पर सुनिश्चित हो।

तकनीकी सरलीकरण: सरकारी ‘SATHI’ पोर्टल के संचालन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को दूर कर राहत दी जाए।

लाइसेंस सुधार: लाइसेंस निलंबन की स्थिति में 21 दिन के भीतर बहाली की समय-सीमा तय हो और दोहरी लाइसेंस प्रणाली को समाप्त किया जाए।

अवैध कारोबार पर अंकुश की मांग
व्यापारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि क्षेत्र में अवैध बीज बिक्री का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे पंजीकृत व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। साथ ही, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी को कंपनियों के लिए अनिवार्य बनाने और बिना वजह की जा रही विभागीय कार्रवाई को बंद करने की मांग भी की गई।

खरीफ सीजन में ठप हो सकता है कारोबार
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यह केवल एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल थी। यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते इन 11 सूत्रीय मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो आगामी खरीफ सीजन से ठीक पहले प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। ऐसी स्थिति में खाद-बीज की किल्लत की समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।

व्यापारी एकता का संदेश: इस दौरान बड़ी संख्या में खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से ठोस हस्तक्षेप की मांग की।