ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तौड़गढ़ जिले में नगर निकाय चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत में चित्तौड़गढ़ में विधायक चंद्रभानसिंह आक्या और निम्बाहेड़ा में विधायक श्रीचन्द कृपलानी की रणनीति और जमीनी पकड़ ने निर्णायक भूमिका निभाई। दोनों नेताओं की सक्रियता से कार्यकर्ताओं में जोश और जनता में विश्वास दोनों मजबूत हुए।”
निम्बाहेड़ा में भाजपा के कद्दावर नेता और रणनीतिकार विधायक कृपलानी की रणनीति ने भाजपा को भारी जीत दिलाई ओर यहाँ 45 वार्ड में से भाजपा 27 वार्ड के साथ बोर्ड बनाने में कामयाब रही तो वही कोंग्रेस को 17 वार्ड तक सीमित कर दिया, जिससे भाजपा की बड़ी जीत के कृपलानी शिल्पकार बने।
चित्तौड़ में जीत के सूत्रधार बने विधायक आक्या
नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में भाजपा की प्रचंड जीत के पीछे विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की रणनीति और जमीनी मेहनत को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
आक्या ने खुद हर वार्ड में कार्यकर्ताओं की टोली बनाकर बूथ स्तर पर मेहनत करवाई।
वही दूसरी ओर 2023 में निर्दलीय जीतने के बाद भी सीएम भजनलाल शर्मा के साथ उनकी निकटता और सरकार के साथ मिलकर काम करने की छवि ने मतदाताओं का भरोसा जीता।
इधर भाजपा खेमे में अब चर्चा है कि आक्या ने साबित कर दिया है कि चित्तौड़गढ़ में बिना उनके कोई भी बोर्ड नहीं बन सकता। कांग्रेस को करारी शिकस्त देने में उनकी भूमिका चाणक्य जैसी रही।
धाकड़ की बेंगु में जीत लेकिन रावतभाटा में कुछ ज्यादा खास नही
विधायक सुरेश धाकड़ के नेतृत्व में बेंगु में भाजपा की प्रचंड जीत हुई इसमे कोई अतिश्योक्ति नही, ओर भाजपा ने यहाँ बोर्ड भी बना लिया लेकिन रावतभाटा में धाकड़ एक तरफा बड़ी जीत नही दिला पाए वहाँ स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है क्योंकि वहाँ 40 वार्ड में से भाजपा 17 और तो कोंग्रेस भी 16 सीट जीतकर टक्कर देने में सफल रही, वही अन्य में 7 सीट जिससे अभी भी स्थिति नाजुक बनी हुई है, बेंगु में धाकड़ की बड़ी जीत तो रावतभाटा में जनता के सुर बदले बदले से लग रहे है।