शिवराज बारवाल मीना
– पूर्व में ठेका दो बार हटाया-फिर राजनीतिक दबाव में बहाल,
– बच्चों-महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा-पंचायत ने लिखित शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग
टोंक/अलीगढ़ । उनियारा उपखण्ड क्षेत्र की पंचायत समिति मु अलीगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हैदरीपुरा में इन दिनों शराब के ठेके को लेकर बवाल गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत हैदरीपुरा के सरपंच प्रशासक शुभम मीना ने प्रशासन को लिखित शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि गांव के अंदर घनी आबादी, सरकारी चिकित्सालय और विद्यालय के पास शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और बच्चों-महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है।
*दो बार हटाया-फिर किसके दबाव में वापस लौटा ठेका?*
शिकायत में स्पष्ट उल्लेख है कि उक्त ठेके को पहले दो बार हटाया जा चुका है, लेकिन “राजनीतिक दबाव” में दोबारा शुरू करा दिया गया। पंचायत ने सवाल उठाया है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों की अनदेखी कर ठेका फिर से चालू किया गया?
*खुलेआम शराबखोरीटोकने पर गाली-गलौच और झगड़े की नौबत*
गांववासियों का आरोप है कि ठेके के आसपास लोग शराब पीकर उत्पात मचाते हैं, गाली-गलौच करते हैं और झगड़े की स्थिति बनती रहती है। इससे आमजन, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और महिलाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। पंचायत प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते ठेका बंद नहीं किया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
*पंचायत का अल्टीमेटम*
ग्राम पंचायत हैदरीपुरा ने प्रशासन से मांग की है कि आबादी क्षेत्र और शैक्षणिक-चिकित्सीय संस्थानों के निकट संचालित ठेके को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
*आंदोलन की चेतावनी*
ग्राम पंचायत हैदरीपुरा के सरपंच प्रशासक शुभम मीना सहित पंचायत जन प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि “गांव की शांति और बच्चों का भविष्य किसी भी कीमत पर दांव पर नहीं लगाया जाएगा।”
*अब बड़ा सवाल*
जब नियम साफ हैं तो आबादी और स्कूल-अस्पताल के पास ठेका कैसे? क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव के आगे झुक रहा है, या फिर शिकायत के बाद भी आंखें मूंदे बैठा है? गांव की जनता जिम्मेदारों से जवाब चाहती हैं।










