4700 करोड़ दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी का आरोप, नरहड़ के ध्यान केंद्र का नाम आया सामने

झुंझुनूं, स्मार्ट हलचल। हरियाणा के नारनौल में दर्ज एक कथित हाई-प्रोफाइल ठगी मामले में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नरहड़ स्थित एक ध्यान केंद्र का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में झुंझुनूं के केयर ऑफ कॉस्मिक धाम ध्यान केंद्र के प्रबंधक समेत सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता भिवानी निवासी एक कपड़ा व्यापारी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने विशेष हवन और धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से 4,700 करोड़ रुपये दिलाने का दावा कर उसका विश्वास जीता और विभिन्न बहानों से उससे करोड़ों रुपये की रकम, सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी ले ली।

फर्जी दस्तावेज दिखाकर विश्वास जीतने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने स्वयं को प्रभावशाली एवं आध्यात्मिक शक्तियों से संपन्न बताते हुए कथित रूप से गृह मंत्रालय के प्रशस्ति पत्र, जेड सुरक्षा से जुड़े फर्जी दस्तावेज तथा वीडियो दिखाए। इन दावों के आधार पर व्यापारी को विशेष अनुष्ठान कराने के लिए प्रेरित किया गया।

विदेश से हवन सामग्री मंगाने के नाम पर वसूली

शिकायतकर्ता का आरोप है कि विदेश से विशेष हवन सामग्री मंगाने और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर उससे करीब 5 करोड़ रुपये खर्च कराए गए। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी अलग-अलग कारण बताकर ले ली गई।

हिप्नोटाइज करने और धमकी देने का भी आरोप

एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कथित रूप से शिकायतकर्ता को हिप्नोटाइज कर दोबारा हवन कराने के नाम पर 27 लाख रुपये और ले लिए। विरोध करने पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने तथा जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं।

सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने शिकायत के आधार पर सोनू सहित सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस संगठित ठगी के एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य लोगों को भी इसी प्रकार कथित रूप से ठगी का शिकार बनाया गया है।

गिरफ्तारी के प्रयास जारी

मामले की जांच कर रहे डीएसपी अनूप कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नोट: यह समाचार दर्ज एफआईआर और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।