मांडल । सुरेश चन्द्र मेघवंशी
राजकीय उप जिला चिकित्सालय मांडल में शनिवार को 108 एम्बुलेंस सेवा के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) एवं मेल नर्स गिरिराज पायक के सेवानिवृत्त होने पर भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, 108 एम्बुलेंस के पायलटों, कर्मचारियों एवं शुभचिंतकों ने साफा पहनाकर, माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर तथा मिठाई खिलाकर उनका सम्मान किया।
विदाई के दौरान वर्षों तक साथ काम करने वाले सहयोगियों की आंखें नम हो गईं। कई साथियों ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उपस्थित सभी लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए भावपूर्ण विदाई दी।
गिरिराज पायक ने लगभग पांच वर्षों तक 108 एम्बुलेंस सेवा में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया। दिन हो या रात, बारिश, सर्दी या भीषण गर्मी—हर आपातकालीन स्थिति में उन्होंने मरीजों तक समय पर पहुंचकर सेवा दी। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपात स्थितियों में उनकी तत्परता और सूझबूझ ने अनेक लोगों को समय पर उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि गिरिराज पायक का व्यवहार हमेशा विनम्र, सहयोगपूर्ण और मानवीय रहा। वे मरीजों और उनके परिजनों से आत्मीयता से पेश आते थे, जिसके कारण वे अस्पताल परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों के बीच भी सम्मानित पहचान बना चुके थे।
विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है, लेकिन सेवा, समर्पण और इंसानियत कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। गिरिराज पायक ने अपने कार्यकाल में ईमानदारी, अनुशासन और मानव सेवा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आने वाली पीढ़ी के कर्मचारियों के लिए प्रेरणा रहेगा।
108 एम्बुलेंस के पायलटों और साथियों ने भी उनके शांत स्वभाव, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिवार ने केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि अपने परिवार के एक समर्पित सदस्य को विदा किया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियों की गूंज के साथ गिरिराज पायक को अंतिम सम्मान दिया तथा उनके स्वस्थ, सुखमय और सम्मानपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।
“कर्तव्य की राह पर चलने वाले लोग कभी रिटायर नहीं होते, वे अपने कार्यों और सेवा भावना से हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं।”
