अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत के निर्देशन में सोमवार, 06 जुलाई 2026 को विश्व जूनोसिस दिवस के अवसर पर राजकीय एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, ब्यावर में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम एवं क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले संक्रामक (जूनोटिक) रोगों के प्रति स्वास्थ्य कार्मिकों एवं भावी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जागरूक करना तथा समाज में इसकी रोकथाम के उपायों का प्रसार करना था।
समय पर टीकाकरण और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण है जरूरी: डॉ. कुमावत
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमावत ने जूनोटिक रोगों के खतरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
“रेबीज़, स्क्रब टाइफस, ब्रूसेलोसिस, लेप्टोस्पायरोसिस और एवियन इन्फ्लुएंजा जैसे घातक रोग पशुओं के जरिए इंसानों में फैलते हैं। इनसे बचने के लिए समय पर टीकाकरण, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना और
पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।”
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के समय में मानव, पशु और पर्यावरण के आपसी तालमेल को सुधारने के लिए “वन हेल्थ (One Health)” दृष्टिकोण को अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
प्रतियोगिता में प्रशिक्षणार्थियों ने दिखाया उत्साह
जागरूकता को रोचक बनाने के लिए केंद्र में एक विशेष क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें एएनएम प्रशिक्षणार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। क्विज के माध्यम से बेहद सरल और प्रभावी तरीके से जूनोटिक रोगों के लक्षण, पहचान और नियंत्रण की जानकारी साझा की गई। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संभागियों को विभाग द्वारा पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया।
सामुदायिक सहभागिता का आह्वान
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अधिकारियों और संभागियों ने समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया गया कि वे अपने-अपने फील्ड क्षेत्र में जाकर आमजन को जागरूक करें और “सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जूनोसिस की रोकथाम हेतु मिलकर कार्य करें” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।
यह रहे उपस्थित
इस गरिमामयी कार्यक्रम में डीपीओ वाजिद अख्तर, विजय कुमार त्रिपाठी, एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य श्रीमती बीना, राहुल शर्मा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
