अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।जिला कलक्टर कमलराम मीना की संवेदनशील पहल और सामाजिक सरोकार की भावना के चलते मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिव्यांग महिला के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। ब्यावर निवासी दिव्यांग संगीता सिद्यंल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अर्यमा सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में सिलाई मशीन भेंट की गई।
फरियाद पर कलक्टर का ‘त्वरित एक्शन’
दरअसल, संगीता सिद्यंल ने अपने जीवनयापन और सम्मानजनक आजीविका के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध करवाने हेतु जिला कलक्टर के समक्ष प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया था। महिला की आर्थिक स्थिति और दिव्यांगता को देखते हुए कलक्टर कमलराम मीना ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही कर पात्र महिला की मदद करने के निर्देश जारी किए।
सरकारी विभाग और NGO का अनूठा समन्वय
कलक्टर के निर्देशों पर त्वरित अमल करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने ‘अर्यमा सेवा समिति’ से संपर्क साधा। संस्था ने तुरंत अपने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए सिलाई मशीन की व्यवस्था की। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में जिला कलक्टर ने अपने हाथों से संगीता को सिलाई मशीन सौंपी।
“प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समाज के जरूरतमंद, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना है। जब सरकार और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर प्रयास करती हैं, तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक जीने के अवसर पहुंचते हैं।”
— कमलराम मीना, जिला कलक्टर, ब्यावर
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
सिलाई मशीन पाकर भावुक हुईं संगीता सिद्यंल ने जिला प्रशासन और अर्यमा सेवा समिति का आभार जताते हुए कहा कि यह मदद उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। अब वे खुद सिलाई का काम कर अपनी आजीविका चलाएंगी। वहीं, अर्यमा सेवा समिति के प्रतिनिधियों ने संकल्प दोहराया कि वे भविष्य में भी महिला सशक्तिकरण और दिव्यांग सहायता के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
