आबकारी नीति में बदलाव की मांग, कोरोना काल का बकाया माफ करने और नीलामी रोकने को लेकर शराब ठेकेदार आंदोलन के मूड में
अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर -स्मार्ट हलचल|राजस्थान में शराब ठेकेदारों ने आबकारी नीति में बदलाव की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। शराब ठेकेदार यूनियन राजस्थान ने प्रदेश में शराब दुकानों का संचालन समय रात 8 बजे से बढ़ाकर रात 11 बजे तक करने, कोरोना काल के बकाया को समाप्त करने तथा बकाया वसूली के लिए चल रही कुर्की और नीलामी की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग उठाई है। मांगें पूरी नहीं होने पर 24 अगस्त को जयपुर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की गई है।
मंगलवार को जयपुर स्थित पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित यूनियन की बैठक में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों ने आबकारी नीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज धनखड़ ने कहा कि वर्तमान में शराब की दुकानें रात 8 बजे बंद हो जाती हैं, जबकि होटल, बार और सामाजिक आयोजनों में देर रात तक गतिविधियां चलती रहती हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर पैदा होता है। उनका कहना है कि यदि दुकानों का संचालन समय रात 11 बजे तक किया जाता है तो वैध बिक्री बढ़ेगी, अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि शराब की खुदरा दुकानों से सीलबंद बोतलों की बिक्री होती है, जबकि होटल और बार में नियमों के तहत ऑन-प्रिमाइसेस (वहीं पर) शराब परोसी जाती है। दोनों व्यवस्थाओं के संचालन का स्वरूप अलग है। यूनियन का तर्क है कि खुदरा दुकानों का समय बढ़ाने का उद्देश्य केवल वैध बिक्री को बढ़ावा देना है, न कि नियमों में ढील देना। हालांकि कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और आबकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी बनी रहेगी।
बैठक में कोरोना काल के बकाया की वसूली को लेकर भी नाराजगी जताई गई। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बकाया वसूली के लिए ठेकेदारों की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई कर रही है। यूनियन ने मांग की कि कोविड अवधि का शेष बकाया पूरी तरह समाप्त किया जाए तथा नीलामी की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
गारंटी उठाव व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए यूनियन ने कहा कि धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और अलग-अलग मौसम में बिक्री का स्तर समान नहीं रहता। ऐसे में मासिक गारंटी के बजाय त्रैमासिक गारंटी व्यवस्था लागू करना अधिक व्यावहारिक होगा।
यूनियन के संगठन मंत्री जयसिंह गुर्जर ने बताया कि 24 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव में प्रदेशभर के शराब ठेकेदार भाग लेंगे। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह पंवार, महासचिव मनोहर सिंह भाटी सहित अनेक पदाधिकारियों ने आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
