सुरेश चंद्र मेघवंशी
मांडल | मांडल थाना क्षेत्र में चारागाह भूमि पर कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर विवाद गहरा गया है। घोड़ासी खेड़ा और गांगा का खेड़ा गांव के लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, धमकी और अपहरण जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मांडल थाने में प्रकरण दर्ज करवाए हैं। मामले के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप है कि चारागाह भूमि पर लंबे समय से बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी का दोहन किया जा रहा है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताया। आरोप है कि शिकायत करने के बाद एक पक्ष के लोगों को घर से स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर अन्य स्थान पर ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
मामले में सुखदेव गुर्जर एवं महावीर गुर्जर की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मांडल थाने में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चारागाह भूमि से प्रतिदिन लाखों रुपये मूल्य की मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस और संबंधित विभाग की मिलीभगत का भी आरोप लगाया तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो चारागाह भूमि को भारी नुकसान होगा और भविष्य में विवाद और बढ़ सकते हैं। वहीं, मारपीट की घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस का पक्ष:
मांडल थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्रेडिट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल।
