बनेठा थाना पुलिस के हैड कांस्टेबल ने कथित निजी दलाल व्यक्ति के जरिए युवक को रात में घर से बुलाया,

बनेठा थाने में युवक के साथ थानाधिकारी के रीडर हेड कांस्टेबल पर कथित बेरहमी से मारपीट का गंभीर आरोप-पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल|उनियारा सर्किल के बनेठा थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बनेठा निवासी अशोक सैनी पुत्र श्योजी लाल सैनी ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार, 11 सितम्बर की देर रात उसे जरूरी काम के बहाने घर से बाहर बुलाया गया और बाद में बनेठा थाने ले जाकर उसके साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई।
शनिवार शाम को युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे बनेठा सीएचसी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे जिला सआदत अस्पताल टोंक रेफर कर दिया गया। हालांकि, घटना और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है। लेकिन यह तो स्पष्ट है कि युवक के साथ गंभीर मारपीट हुई है।
*आधी रात फोन कर घर से बाहर बुलाने का आरोप*
पीड़ित अशोक सैनी के अनुसार, 11 सितम्बर की रात करीब 12:56 बजे बनेठा थाने में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल दयाराम जाट, बेल्ट नंबर 323, के कथित करीबी निजी व्यक्ति रमेश सैनी उर्फ मेसी ने फोन कर उसे जरूरी काम के बहाने हायर सेकेंडरी स्कूल, सुरेली रोड के पास बुलाया। अशोक का आरोप है कि मौके पर दयाराम जाट कथित रूप से गली में छिपा हुआ था तथा 112 पुलिस वाहन भी आसपास मौजूद था। पुलिसकर्मी को देखकर युवक कथित तौर पर वहां से भागने लगा। इसके बाद पीछा कर 112 वाहन बुलाया गया और उसे पकड़कर बनेठा थाने ले जाया गया।
*कपड़े उतरवाकर पट्टे और सैंडिल से मारपीट का गंभीर आरोप*
पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि थाने में उसके साथ पट्टे और सैंडिल से पूरे शरीर पर मारपीट की गई। उसका यह भी आरोप है कि उसके कपड़े उतरवाकर अंडरवियर में रखकर गंभीर मारपीट की गई। अशोक के मुताबिक, कथित मारपीट के दौरान भय और गंभीर स्थिति के कारण उसने अंडरवियर में ही पेशाब कर दिया। उसकी हालत बिगड़ने और बेहोशी जैसी स्थिति बनने के बाद थाना परिसर में ही उसे नहलाया गया। युवक का आरोप है कि घटना के बारे में किसी को जानकारी नहीं देने के लिए उसे कथित रूप से धमकाया गया और बाद में उसे राठौड़ी में छोड़कर घर जाने के लिए कहा गया।
*सीने व शरीर में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचा युवक*
युवक अशोक सैनी के अनुसार, घटना के अगले दिन 12 सितम्बर की शाम करीब 6 बजे उसके सीने में दर्द हुआ। इसके बाद परिजन उसे बनेठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे शनिवार रात जिला सआदत अस्पताल टोंक रेफर किया। बताया गया है कि रविवार दोपहर आवश्यक उपचार एवं जांच के बाद युवक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पीड़ित और उसके परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद कथित आरोपी हेड कांस्टेबल सहित कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से कार्रवाई नहीं करने के लिए फोन तथा घर पहुंचकर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
*करीब पांच वर्ष से बनेठा थाने में तैनाती को लेकर सवाल*
मामले में हेड कांस्टेबल दयाराम जाट की लंबे समय से बनेठा थाने में तैनाती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि वह करीब पांच वर्ष से बनेठा थाने में थानाधिकारी के रीडर के रूप में कार्य कर रहा है। यह भी बताया गया है कि करीब चार माह पूर्व 17 मई 2026 को कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति के बाद उसका स्थानांतरण मालपुरा सर्किल में किया गया था। इसके बावजूद उसे बनेठा थाने से रिलीव नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में विभागीय रिकॉर्ड से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
*पूर्व की शिकायतों में भी गंभीर आरोपों का दावा*
हेड कांस्टेबल दयाराम जाट के खिलाफ पूर्व में भी एक व्यक्ति की लिखित शिकायतों में कथित अवैध वसूली सहित कई गंभीर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। फरवरी 2026 में भी इस संबंध में विवाद होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि अवैध बजरी, शराब, साइबर ठगी, गांजा, भांग अथवा अन्य अवैध गतिविधियों में संरक्षण एवं वसूली से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों की वास्तविकता निष्पक्ष जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं क्षेत्रवासियों द्वारा कथित आरोप हैं कि हेड कांस्टेबल दयाराम जाट का इसरदा डेम के समीप बनास नदी के किनारे सवाई माधोपुर जिले की सीमा में जमीन तथा ढिकोलिया में बाजोलिया नहर के समीप फार्म हाउस बताया जा रहा है, जिसकी आय सम्पत्ति के जांच की मांग भी की गई है।
*मेडिकल, सीसीटीवी, जीपीएस और कॉल रिकॉर्ड से खुल सकता है पूरा मामला*
मामले में निष्पक्ष जांच के लिए पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों के जांच की मांग की गई है। इनमें घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों एवं अन्य व्यक्तियों की भूमिका, मेडिकल रिकॉर्ड, 112 वाहन की जीपीएस लोकेशन, संबंधित मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज तथा ड्यूटी संबंधी रिकॉर्ड की जांच प्रमुख हैं। विशेष रूप से युवक को आधी रात कथित तौर पर बुलाए जाने से लेकर 112 वाहन से थाने ले जाने और उसके बाद थाना परिसर में हुई कथित घटनाओं तक के रिकॉर्ड की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर जांच रिपोर्ट के माध्यम से वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट होगी। समाचार लिखे जाने तक बनेठा थाना पुलिस, संबंधित हेड कांस्टेबल अथवा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।