अच्छी बारिश की कामना को लेकर कुरेडा गांव में निकली घांस बेरु की बंदोरी, गांव के बाहर बनाया भोजन

पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ ग्रामीणों ने की बारिश की कामना, बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल

नरेश कुरेडा

पीपलू।स्मार्ट हलचल।बारिश के इंतजार और अच्छी वर्षा की कामना को लेकर कुरेडा गांव में ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रूप से घांस बेरु की बंदोरी निकाली गई। इस दौरान गांव के लोगों ने एकजुट होकर पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए और गांव के बाहर जाकर खाना बनाकर भोजन किया।

 

घांस बेरु की बंदोरी के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण एक साथ गांव से बाहर पहुंचे और वहां भोजन तैयार किया। लोगों ने मिल-जुलकर खाना बनाया और सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया। इस आयोजन में ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी ने गांव की पुरानी परंपरा और आपसी भाईचारे की झलक दिखाई।

 

ग्रामीणों ने बताया कि घांस बेरु की बंदोरी गांव की पुरानी पारंपरिक मान्यता से जुड़ी हुई है। जब बारिश का समय होता है और क्षेत्र में अच्छी बारिश की आवश्यकता महसूस होती है, तब ग्रामीण इस तरह का आयोजन कर बारिश के लिए कामना करते हैं। ग्रामीणों का विश्वास है कि सामूहिक रूप से की गई प्रार्थना और पारंपरिक आयोजन से अच्छी बारिश होती है और खेत-खलिहानों में हरियाली आती है।

 

अच्छी बारिश से किसानों को उम्मीद

 

कुरेडा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर है। ऐसे में किसानों के लिए समय पर और पर्याप्त बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। अच्छी बारिश होने से खेतों में फसलों को पर्याप्त पानी मिलने के साथ ही पशुओं के लिए चारे और ग्रामीण क्षेत्र में पानी की उपलब्धता भी बेहतर होती है।

 

इसी उम्मीद के साथ ग्रामीणों ने घांस बेरु की बंदोरी निकालकर अच्छी बारिश, अच्छी फसल और गांव की खुशहाली की कामना की। आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पारंपरिक तरीके से भोजन तैयार किया और सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया।

 

परंपरा के साथ दिखी गांव की एकजुटता

 

इस आयोजन की खास बात यह रही कि ग्रामीणों ने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ भाग लिया। गांव के बाहर सामूहिक रूप से खाना बनाना और एक साथ बैठकर भोजन करना ग्रामीण जीवन की सामूहिकता और भाईचारे को दर्शाता है।

 

घांस बेरु की बंदोरी जैसे पारंपरिक आयोजन आज भी ग्रामीण संस्कृति और पुरानी मान्यताओं को जीवित रखने का काम कर रहे हैं। बुजुर्गों से लेकर युवा पीढ़ी तक लोगों ने इस परंपरा में भाग लेकर इसे आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

 

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में अच्छी बारिश होगी, जिससे खेतों में हरियाली आएगी और किसानों की मेहनत रंग लाएगी। इस दौरान पूरे गांव में पारंपरिक माहौल और उत्साह देखने को मिला।