सड़क सुरक्षा को लेकर ब्यावर प्रशासन सख्त: ब्लैक स्पॉट्स सुधरेंगे, नियमों के उल्लंघन पर पुलिस और परिवहन विभाग ने वसूला लाखों का जुर्माना

अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न; 295 बाल वाहिनियों की सुरक्षा और ट्रॉमा रिस्पॉन्स टाइम की हुई समीक्षा।

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।ब्यावर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DLRSC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने और ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) में तत्काल सुधार करने के कड़े निर्देश दिए गए।

2,965 किमी सड़क नेटवर्क की सुरक्षा पर फोकस
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 2,965.66 किलोमीटर का व्यापक सड़क नेटवर्क है, जिसमें राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों सहित ग्रामीण और शहरी मार्ग शामिल हैं। एडीएम ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित एजेंसियां चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष निगरानी रखें और सड़क सुरक्षा ऑडिट के आधार पर सुधारात्मक कार्यों में तेजी लाएं।

नियम तोड़ने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
बैठक के दौरान पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा की गई प्रवर्तन कार्यवाहियों के आंकड़े भी सामने रखे गए:

पुलिस विभाग की कार्रवाई (20 जून 2026 तक):

7,571 बिना हेलमेट वाहन चालक पकड़े गए।

6,160 वाहन चालकों के ओवरस्पीड (तेज गति) के चालान काटे गए।

2,249 अवैध पार्किंग और 938 मामले शराब पीकर गाड़ी चलाने के दर्ज किए गए।

परिवहन विभाग का एक्शन: जून महीने में विशेष अभियान चलाकर 1,022 चालान जारी किए गए, जिससे 54.65 लाख रुपये की शमन राशि (जुर्माना) वसूली गई। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं पर नजर
अभिभावकों की चिंता को देखते हुए जिले में पंजीकृत सभी 295 बाल वाहिनियों (स्कूली वाहनों) के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत मदद पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की उपलब्धता, अस्पतालों की तैयारी और ट्रॉमा रिस्पॉन्स टाइम (घटना के बाद इलाज मिलने का समय) को और बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: एडीएम ब्रह्मलाल जाट ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय बढ़ाएं और अगली बैठक से पहले अपनी अद्यतन (Updated) प्रगति रिपोर्ट पेश करें।