सुरज वर्मा
स्मार्ट हलचल।शाहपुरा शहर के बेगू रोड स्थित सार्वजनिक श्मशान घाट की हालत इन दिनों अत्यंत दयनीय और चिंताजनक बनी हुई है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह महत्वपूर्ण स्थल गंदगी, अव्यवस्था और जंगली झाड़ियों की भरमार से जूझ रहा है। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के लिए आने वाले लोगों को यहां मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
श्मशान घाट परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है तथा जंगली बबूल और झाड़ियां बड़ी संख्या में उग आई हैं। कई स्थानों पर रास्ते तक अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे परिसर असुरक्षित और अव्यवस्थित दिखाई देता है। बरसात के मौसम से पहले भी सफाई नहीं होने के कारण आमजन में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय खटीक समाज, जीनगर समाज, प्रजापत समाज, हरिजन समाज, धोबी समाज, कहार समाज एवं कोली समाज के लोगों ने बताया कि श्मशान घाट में लंबे समय से नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं किया गया है। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले दागियों एवं परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त छाया, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है।
प्रतिनिधि संदीप जीनगर ने कहा कि श्मशान घाट जैसी सार्वजनिक और संवेदनशील जगह पर नियमित सफाई एवं रखरखाव होना आवश्यक है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते यहां की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। गंदगी और झाड़ियों के कारण दुर्गंध फैल रही है तथा बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
स्थानीय समाजजनों का कहना है कि श्मशान घाट केवल अंतिम संस्कार का स्थल नहीं, बल्कि दिवंगत आत्माओं को अंतिम विदाई देने का पवित्र स्थान है। ऐसे स्थल की दुर्दशा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
समाजजनों की प्रमुख मांगें
श्मशान घाट परिसर की तत्काल व्यापक सफाई करवाई जाए।
जंगली बबूल एवं झाड़ियों को हटाया जाए।
दागियों एवं परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
नियमित सफाई एवं रखरखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पेयजल, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद एवं प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन किया जा सकता है।
