बूंदी- स्मार्ट हलचल|राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय बालचंद पाडा में लगभग 5 वर्ष पुर्व यूनानी चिकित्सा अधिकारी डाक्टर हासन हमीद की नियुक्ति कर, सरकार ने यूनानी चिकित्सा का लाभ पीड़ित व्यक्तियों को मिले इसलिए यूनानी चिकित्सालय के लिए भवन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद एक रुम आयुर्वेद चिकित्सालय बूंदी में उपलब्ध करवा कर यूनानी चिकित्सा सेवाएं शुरू की।
लेकिन यहां पर कार्यरत डाक्टर हासन हमीद यूनानी चिकित्सा अधिकारी की सेवाएं अधिकारी की लापरवाही व लेट लतीफ के कारण उपलब्ध नहीं हो पा रही। क्योंकि कई पीड़ित व्यक्तियों को तो यह भी पता नहीं है कि यहां पर यूनानी चिकित्सा भी उपलब्ध है। क्योंकि 5 साल बाद भी यूनानी चिकित्सा अधिकारी ने अपने रूम के बाहर एक बोर्ड तक इस आशय का नहीं लगाया कि यहां पर यूनानी चिकित्सा उपलब्ध है।
अधिकांश समय पर यूनानी चिकित्सा अधिकारी का रुम बंद ही रहता है जबकि यहा पर सरकार द्वारा एक कंपाउंडर की भी नियुक्ति की हुई है। ओर सरकार द्वारा निशुल्क दवा योजना में यूनानी चिकित्सा हेतू दवाईयां भी चिकित्सालय को उपलब्ध कराई जाती है। फिर भी यहां आने वाले पीडितो को सरकारी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रही हैं।अब सवाल यह उठता है कि जब चिकित्सा अधिकारी ही अस्पताल मे उपलब्ध नहीं है तो सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही दवाइयां कहां जा रही है। यह एक जांच का विषय है।
आज अलोद गांव से आऐ पीड़ित मरीज मोहम्मद उस्मान ने यूनानी चिकित्सा के बारे में पूछा,उस समय दोपहर के 12 बजे थे। लेकिन यूनानी चिकित्सा अधिकारी अपने रूम में उपलब्ध नहीं थे वहां पर मौजूद कंपाउंडर से इस बारे में जानकारी ली तो पता चला कि डॉक्टर साहब अभी नहीं आऐ है।
जिला प्रशासन इसे गंभीरता से लेते हुए यूनानी चिकित्सक को समय पर आने के लिए निर्देशित किया जाए। कि यूनानी चिकित्सा अधिकारी समय पश्र अस्पताल पहुंचे। अस्पताल खुलने का समय प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक का है।
