जे पी शर्मा
बनेड़ा – उपखण्ड क्षेत्र के मुशी (मुसी) स्थित श्री शनि महाराज मंदिर में चल रहे 9 कुण्डात्मक नवदिवसीय श्री शनि महाराज नवग्रह महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में प्रतिदिन भक्तों की भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा स्थल पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित हो चुका है, जहां वेद मंत्रों, भजन-कीर्तन और जयघोषों से संपूर्ण क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है। भागवत आचार्या बाल किशोरी सुश्री साध्वी आरती वैष्णव, (महाकाल आश्रम मधुसूदनगढ) मध्यप्रदेश के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है। कथा के दौरान साध्वी जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, संस्कार और भक्ति के मार्ग पर चलाने का दिव्य ग्रंथ है। कथा में राजस्थान की वीरभूमि, संतों की तपस्या और सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का सुंदर वर्णन किया गया। साध्वी जी ने कहा कि जिस घर में भगवान की भक्ति, गौ सेवा और संतों का सम्मान होता है, वहां सदैव सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। उन्होंने माता-पिता को प्रेरणा देते हुए कहा कि बच्चों को आधुनिकता के साथ-साथ धर्म और संस्कारों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ी ध्रुव और प्रह्लाद जैसे आदर्श भक्त बन सके। कथा के दौरान ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र और भगवान की भक्ति की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। साध्वी जी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी जिसने भगवान का नाम नहीं छोड़ा, भगवान ने स्वयं उसकी रक्षा की।वहीं यज्ञाचार्य पंडित विकास जी शास्त्री (जयपुर) द्वारा प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान पूर्वक नवग्रह महायज्ञ में यजमानों द्वारा आहुतियां लगाई जा रही है। यज्ञ में श्रद्धालु आहुति देकर परिवार, राष्ट्र एवं सनातन धर्म की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। पूरे महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, संत प्रवचन और धार्मिक आयोजनों से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं में कथा एवं यज्ञ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।वही रात्री मे रामलीला का कलाकारों द्वारा मंचन किया जा रहा है।
