नारी सम्मान को लेकर भीलवाड़ा में उफान: सड़कों पर उतरा महिलाओं का सैलाब, पुतलों की शवयात्रा निकाल जताया आक्रोश

जूतों की माला पहनाकर किया विरोध, मां दुर्गा के स्वरूप में ‘संहार’ कर कूड़ेदान में फेंके पुतले

(महेन्द्र नागौरी)

भीलवाड़ा |स्मार्ट हलचल|नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी घमासान के बीच भीलवाड़ा में महिलाओं का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। सर्व महिला समाज के आह्वान पर शनिवार को शहर की सड़कों पर महिलाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। जन आक्रोश पदयात्रा के जरिए सैकड़ों महिलाओं ने महिला आरक्षण अटकाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन कर अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा का संदेश दिया।
भोपाल क्लब चौराहे से शुरू हुई पदयात्रा में महिलाओं ने विपक्षी नेताओं के पुतलों की शवयात्रा निकालते हुए जूतों की माला पहनाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ निकली यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सूचना केंद्र पहुंची, जहां प्रदर्शन उग्र रूप में नजर आया। ‘नारी शक्ति जिंदाबाद’ और ‘नारी सम्मान में महिलाएं मैदान में’ जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
सूचना केंद्र स्थित बजरंगी चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने मां दुर्गा का रूप धारण कर त्रिशूल से पुतलों का प्रतीकात्मक संहार किया। इसके बाद आक्रोशित महिलाओं ने पुतलों को कूड़ेदान में डालते हुए संदेश दिया कि महिला विरोधी सोच रखने वालों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है।
इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मधु शर्मा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण को रोकना नारी शक्ति के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इसका जवाब आने वाले चुनावों में देंगी। वहीं जन आक्रोश अभियान की संयोजिका कोमल परिहार ने कहा कि नारी अपने अपमान का जवाब देना जानती है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि भीलवाड़ा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी हैं और किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
प्रदर्शन में महिला मोर्चा की पदाधिकारी, विभिन्न संगठनों की कार्यकर्ता, छात्राएं और शहर की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।