भीलवाड़ा । जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के आदेशानुसार और साइबर थानाधिकारी आयुष क्षोत्रिय (IPS-प्रो.) के निकटतम सुपरविजन में भीलवाड़ा साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के शिकार हुए एक पूर्व बैंक मैनेजर के 20,85,000 रुपये पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करवाकर पीड़ित को वापस दिलवाए हैं।
घटनाक्रम और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
ठगी और शिकायत:
दिनांक 01.08.2026 को पीड़ित भरत सिंह चुण्डावत ने पुलिस साइबर पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात ठगों ने उन्हें ऑनलाइन निवेश पर भारी रिटर्न का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹31,50,000 ट्रांसफर करवा लिए थे।
साइबर टीम का एक्शन:
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने के कांस्टेबल बाबूलाल ने तुरंत जांच शुरू की। टीम ने तत्काल NCRP पोर्टल (1930) पर शिकायत को अपडेट किया और संबंधित विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों से निरंतर समन्वय स्थापित किया।
पैसे फ्रीज और रिफंड
त्वरित तकनीकी समन्वय के चलते पुलिस टीम ठगी गई राशि में से ₹20,85,000 को बदमाशों के खातों में फ्रीज कराने में कामयाब रही। इसके बाद माननीय न्यायालय से आवश्यक कानूनी आदेश प्राप्त कर यह राशि पीड़ित के बैंक खाते में सुरक्षित रिफंड करा दी गई।
किसी भी अनजान व्यक्ति या ऐप के माध्यम से अत्यधिक मुनाफे वाले ट्रेडिंग के झांसे में न आएं। यदि आपके साथ कोई भी साइबर धोखाधड़ी होती है, तो बिना समय गंवाए तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। शुरुआती ‘गोल्डन ऑवर्स’ में दर्ज कराई गई शिकायत से पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।