पुनित चपलोत
भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर बुधवार को पुश्तैनी जमीन और मकान पर कब्जे के विरोध में एक पीड़ित परिवार ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परिवार ने भू-माफियाओं एवं कोटड़ी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक सागर राणा को ज्ञापन सौंपा। पीड़ित परिवार का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि न्यायालय के आदेश पर कोटड़ी पुलिस ने दबाव में प्रकरण तो दर्ज किया मगर उस पर भी एफआर लगा दी।
पीड़ित जमनालाल ने बताया कि जावल गांव में उनकी पुश्तैनी जमीन और मकान है, जिसका उपयोग उनके पूर्वजों के समय से उनका परिवार करता आ रहा है। मजदूरी के लिए वह परिवार सहित भीलवाड़ा आ गए थे, जबकि उनकी माता काली देवी गांव स्थित मकान में रहती थीं। माता के निधन के बाद गांव के ही शैतान गुर्जर, सांवर गुर्जर और राधेश्याम गुर्जर पर मकान का ताला तोड़कर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने मकान में रखा गेहूं, खाद्य सामग्री, बर्तन और अन्य घरेलू सामान भी चोरी कर लिया। इस संबंध में उन्होंने कई बार कोटड़ी थाने में शिकायत दी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं करी तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर कोटड़ी पुलिस ने दबाव में प्रकरण तो दर्ज किया पर आरोपियों से साठगांठ कर उस पर भी एफआर लगा दी।
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन और मकान का कब्जा दिलाया जाए तथा आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
