सभापति चुनाव में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, निर्दलीय पार्षद बनेंगे निर्णायक

मदन मोहन गर्ग

नाम वापसी के आखिरी दिन गिरधारीलाल ने लिया नाम वापस, कृष्ण कुमार गोयल और विजय गुप्ता के बीच सीधा मुकाबला
गंगापुर सिटी।स्मार्ट हलचल|नगर परिषद गंगापुर सिटी के सभापति पद के चुनाव में अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा। शुक्रवार को नाम वापसी के आखिरी दिन निर्दलीय उम्मीदवार गिरधारीलाल ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके साथ ही चुनाव मैदान में भाजपा के विजय गुप्ता और कांग्रेस के कृष्ण कुमार गोयल आमने-सामने रह गए हैं।
नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान हुआ था। 14 सितंबर को घोषित परिणामों में कांग्रेस ने 27 वार्डों में जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जगह बनाई, जबकि भाजपा को 17 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 16 वार्डों में जीत मिली। सभापति पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 31 पार्षदों का है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत से चार सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत के लिए 14 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड की दिशा
सभापति पद के लिए मुकाबला भले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा हो गया है, लेकिन नगर परिषद में बोर्ड गठन की तस्वीर निर्दलीय पार्षदों के रुख से तय होगी। दोनों दलों के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है, इसलिए 16 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांग्रेस और भाजपा दोनों ही निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में करने की कवायद में जुटे हैं। दोनों दल अपने-अपने पार्षदों के साथ संपर्क और समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सभापति चुनाव में किस प्रत्याशी को कितने पार्षदों का समर्थन मिलता है, इसी के आधार पर नगर परिषद में बोर्ड गठन की दिशा तय होगी।
दोनों ही प्रमुख दल नगर परिषद में अपना बोर्ड बनाने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में सभापति पद के लिए सीधा मुकाबला तय होने के बाद अब पार्षदों के समर्थन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।