🏆 हाड़ौती का गौरव: सोने-चाँदी के धागों में बुनी कोटा की शान को वैश्विक पहचान
कोटा, स्मार्ट हलचल।बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने अपनी आगामी फिल्म की रिलीज़ से पूर्व आंध्र प्रदेश के पवित्र तिरुमला मंदिर में दर्शन के दौरान कोटा की सोनचिरैया की रियल ज़री कोटा साड़ी धारण की है। उन्होंने राजस्थान की इस ऐतिहासिक हस्तकरघा परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर लाकर खड़ा किया है, जिससे हाड़ौती की बुनाई कला को एक नया आयाम मिला है।
सोनचिरैया की संस्थापक प्रीति सिंह पारीक ने बताया कि रियल ज़री कोटा साड़ी कोई साधारण वस्त्र नहीं, बल्कि सदियों पुरानी उस बुनाई परंपरा का जीवंत प्रमाण है जो कभी केवल राजघरानों और विशेष अवसरों तक सीमित थी। इस अनूठी बुनाई में शुद्ध रेशम और सूती धागों को असली सोने और चांदी के ज़री धागों के साथ मिलाकर पारंपरिक पिटलूम पर हाथ से बुना जाता है। यह एक अत्यंत धीमी, कठिन और असाधारण कौशल की मांग करने वाली प्रक्रिया है, जिसमें कोटा के बुनकर परिवार पीढ़ियों से अपनी साधना लगाते आए हैं। उन्होंने बताया कि विगत कुछ वर्षों में इस लुप्त होती परंपरा को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया और रियल गोल्ड व सिल्वर ज़री की इस विरासती बुनाई को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
वस्त्र विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिवर्तन ऐतिहासिक महत्व का है। आज कोटा डोरिया केवल एक क्षेत्रीय वस्त्र परंपरा नहीं, बल्कि भारत की हेरिटेज लक्ज़री टेक्सटाइल के रूप में वैश्विक स्तर पर पहचानी जाने लगी है। जाह्नवी कपूर जैसी युवा पीढ़ी की प्रतिष्ठित अभिनेत्री द्वारा इस परंपरा को अपनाया जाना इस बात का सशक्त संकेत है कि भारत की प्राचीन हस्तकरघा विरासत पुनः अपने उचित गौरवपूर्ण स्थान की ओर लौट रही है।
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