एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, परिवादी ने ब्यूरो के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा योजना के तहत मस्टरोल निकलवाने और पंचायत से जुड़े कार्यों की एवज में कनिष्ठ सहायक द्वारा ₹25,000 की मांग की जा रही है और राशि न देने पर कार्य को अटकाया जा रहा है।
परिवादी की शिकायत का गोपनीय रूप से सत्यापन कराने के बाद एसीबी की टीम ने बुधवार को जाल बिछाकर आरोपी कनिष्ठ सहायक को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा आवश्यक रसायनों से हाथ धुलवाने की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें आरोपी के हाथ रंग गए।
एसीबी ने आरोपी जूनियर असिस्टेंट को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है और अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। इसके साथ ही आरोपी के अन्य ठिकानों और निवास स्थान पर भी आय से अधिक संपत्ति के दस्तावेजों को खंगालने के लिए सर्च की कार्रवाई की जा सकती है।
