हाई वोल्टेज चुनावी माहौल के बीच जुरहरा में कायम रहा भाईचारा

 

शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ मतदान

हार-जीत से ऊपर रही आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता की भावना, सभी प्रत्याशियों व समर्थकों ने निभाई जिम्मेदारी

जुरहरा, जिला डीग, रेखचंद्र भारद्वाज

जुरहरा, जिला डीग,स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत जुरहरा में सरपंच एवं वार्ड पंच पद के लिए हुए चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार से लेकर मतदान तक पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल काफी गर्मजोशी भरा रहा। चुनावी मुकाबले में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों का जोश पूरे हाई वोल्टेज पर दिखाई दिया, लेकिन इस उत्साह के बीच सबसे अच्छी बात यह रही कि पूरे चुनाव के दौरान माहौल शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण बना रहा।
इस चुनाव की खास बात यह रही कि सभी प्रत्याशियों, उनके समर्थकों और ग्रामीणों ने आपसी समझदारी एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने में पूरा सहयोग दिया। कहीं भी आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली स्थिति पैदा नहीं होने दी गई।
ऐतिहासिक कस्बे जुरहरा की यही तो सबसे बड़ी खूबी है कि यहां चुनावी मुकाबला कितना भी रोचक और कड़ा क्यों न हो, लेकिन आपसी रिश्तों और भाईचारे को हमेशा महत्व दिया जाता है। चुनाव के दौरान समर्थकों में अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने का उत्साह जरूर देखने को मिला, लेकिन लोकतंत्र की इस प्रक्रिया में सामाजिक एकता की भावना भी बरकरार रही।
हार-जीत तो लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन भाईचारा जीवनभर का रिश्ता है। चुनाव में किसी की जीत होगी तो किसी को हार का सामना करना पड़ेगा, लेकिन परिणाम चाहे जो भी हो, सभी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। चुनावी प्रतिस्पर्धा को व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए।
आज जरूरत इस बात की है कि चुनाव परिणाम आने के बाद भी जुरहरा में यही प्रेम, अपनापन और सद्भाव बना रहे। जीतने वाले प्रत्याशी को विनम्रता के साथ सभी को साथ लेकर चलना चाहिए, वहीं हारने वाले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को भी लोकतांत्रिक निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
क्योंकि चुनाव तो आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन रिश्ते, मित्रता और भाईचारा हमेशा कायम रहना चाहिए। जुरहरा की असली जीत किसी एक प्रत्याशी की जीत नहीं, बल्कि यहां के लोगों की एकता, शांति और आपसी सद्भाव है।