णमोकार जाप से मिलती है मानसिक शांति और आत्मिक सुख : आर्यिका श्री

कोटा में णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान का शुभारंभ, विश्व शांति के लिए गूंजा महामंत्र

कोटा।स्मार्ट हलचल।रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान का मंगल शुभारंभ हुआ। 15 से 19 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में लाखों णमोकार महामंत्र जाप के माध्यम से विश्व शांति, जीव कल्याण एवं धर्म प्रभावना का संदेश दिया जाएगा।
परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्या भूषण सन्मति सागर जी महाराज की परम शिष्या एवं भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी (ससंघ) के पावन सान्निध्य में आयोजित इस अनुष्ठान के प्रथम दिवस मंगल कलश स्थापना एवं यज्ञनायक सौधर्म इन्द्र की विधिवत स्थापना संपन्न हुई। इसके बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप प्रारंभ किया।
मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 7:30 बजे जाप अनुष्ठान, 8:30 बजे मंगल प्रवचन तथा सायं 7 बजे गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निरंतर णमोकार महामंत्र का जाप चला।
इस अवसर पर आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि मन की स्थिरता ही आत्मिक शांति का आधार है। अत्यधिक विचार व्यक्ति के मन को चंचल बनाकर उसे तनाव एवं अवसाद की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि भौतिक वस्तुओं के अनावश्यक संग्रह से मानसिक बोझ बढ़ता है, जबकि णमोकार महामंत्र का ध्यानपूर्वक जाप मन को शांत, निर्मल एवं एकाग्र बनाता है। महामंत्र के भावपूर्ण स्मरण से असंख्य पापों का क्षय होता है तथा आत्मा को वास्तविक सुख की अनुभूति प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि णमोकार महामंत्र में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय एवं समस्त साधु-संतों को नमस्कार किया गया है। सच्चे भाव से किया गया नमस्कार जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और चमत्कारिक परिणाम प्रदान करता है। माताजी ने कहा कि इतिहास में णमोकार महामंत्र के जाप से अनेक प्रेरणादायी एवं चमत्कारिक घटनाएं घटित हुई हैं, जो इसकी आध्यात्मिक शक्ति को प्रमाणित करती हैं।
इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के महामंत्री पदम बड़ला, कार्यध्यक्ष पारस बज आदित्य,कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला, पारस कासलीवाल, संजय सांवला,पारस लुहाड़िया, नितेश खटोड़, टीकम पाटनी, पंकज खटोड़, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जितेंद्र कुमार, अशोक सांवाला, निर्मल अजमेरा, महावीर बड़ला, राजकुमार पाटनी, नरेंद्र कासलीवाल, अजीत गोधा, वर्धमान कासलीवाल, अनिल मित्तल, मनीष सेठी एवं संजय लुहाड़िया, सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।