चित्तौड़गढ़, 5 अगस्त।
स्मार्ट हलचल|राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने भाजपा सरकार पर चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ दुग्ध उत्पादक संघ की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण वर्षों से किसानों की आजीविका का आधार रही दुग्ध सहकारी व्यवस्था आज गंभीर संकट में पहुंच गई है।जाड़ावत ने कहा कि सुखवाड़ा की लगभग 40 वर्ष पुरानी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति बंद हो चुकी है, जबकि जिले की कई अन्य समितियां भी बंद होने की कगार पर हैं। इससे हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों की आजीविका पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दुग्ध उत्पादकों को दिया जाने वाला ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन बोनस किसानों के लिए बड़ी राहत था, लेकिन भाजपा सरकार ने पिछले 9 महीनों से यह बोनस बंद कर दिया, जिससे दुग्ध उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि चित्तौड़गढ़ सरस डेयरी संयंत्र भी बंद होने की स्थिति में पहुंच रहा है। यदि समय रहते सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो इस डेयरी को दोबारा खड़ा करना बेहद कठिन होगा। लगातार दुग्ध संकलन घट रहा है, जबकि दूसरी ओर गुजरात की अमूल और पायस जैसी निजी डेयरियां क्षेत्र में तेजी से अपना विस्तार कर रही हैं। यह स्थिति चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ दुग्ध उत्पादक संघ के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
जाड़ावत ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि चित्तौड़गढ़ जिले से सहकारिता मंत्री होने के बावजूद जिले की अग्रणी डेयरी व्यवस्था को बचाने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। जो दुग्ध उत्पादक संघ कांग्रेस सरकार के समय राजस्थान में अग्रणी स्थान रखता था, वह आज बदहाली की ओर बढ़ रहा है।
प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि उन्होंने जिला कलेक्टर, चित्तौड़गढ़ से आग्रह किया कि वे इस गंभीर विषय को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर डेयरी, दुग्ध उत्पादक समितियों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाएं।
अंत में जाड़ावत ने भाजपा सरकार से मांग की कि ₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन बोनस तत्काल बहाल किया जाए, बंद होती दुग्ध समितियों को पुनर्जीवित किया जाए, सरस डेयरी संयंत्र को बचाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए तथा दुग्ध उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा के लिए शीघ्र प्रभावी निर्णय लिए जाएं।
